भोपाल

स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर, CMHO – DPM के खिलाफ गड़बड़ी और गलत भुगतान के मामले की शिकायत

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हर साल करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने वाले स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। जिलों में खरीदी के नाम पर लाखों रुपए की गड़बड़ियां की जा रहीं हैं। शिकायतें होने के बाद स्वास्थ्य संचालनालय में सालों से पदस्थ अधिकारी मामले में लीपा-पोती कर देते हैं। यही नहीं सरकारी खजाने से लाखों रुपए की गड़बड़ी करने वाले मामले जांच के नाम पर कई सालों तक लटका कर रखे जा रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला स्वास्थ्य विभाग से जुडा है साल 2016 में सीधी जिले में पदस्थ तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ ) डॉ. एमपी तिवारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम)डॉ. बृजेश पांडे्य के खिलाफ लाखों रुपए की गड़बड़ी और गलत भुगतान के मामले की शिकायत हुई थी। जिस संस्था को 72,60,542 रुपए का भुगतान किया गया था। जांच में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने उस संस्था रेड स्वास्तिक सोसाइटी सीधी की जगह रेड स्वास्थ्य सोसाइटी जिला सीधी लिख दिया। साढ़े चार साल से चल रही जांच के बाद अफसरों ने इस भूल को सुधारा है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2010-11 में सीधी जिले में पदस्थ सीएमएचओ डॉ. एमपी तिवारी और डीपीएम डॉ. बृजेश पांडेÞय के खिलाफ मार्च 2016 में जांच शुरू की गई थी। लोकायुक्त में दर्ज प्रकरण के मुताबिक भवन निर्माण एवं मरम्मत, उपकरण एवं अन्य सामग्री, फर्नीचर, इलेक्ट्रिक उपकरण, स्टेशनरी, वस्त्र खरीदी, प्रिंटिंग जैसे कामों में 44,37,996 के प्रस्ताव/नस्ति डीपीएम ने सीएमएचओ को भेजे थे। लेकिन इसमें सीएमएचओ के वित्तीय अधिकारों की सीमा का उल्लेख न करते हुए भंडार क्रय नियमों के विरू। खरीदी की थी। साल 2010-11 में प्रशिक्षकों और मास्टर टेÑेनर्स को दिए गए प्रशिक्षण में 9,36,493 रूपए का भुगतान किया गया था। जांच हुई तो 1,46,800 के बिल ही नहीं मिले। यही नहीं सचिव रेड स्वास्तिक सोसाइटी सीधी को बिना बिल के ही 72,60,542 का भुगतान किया गया था।

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