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आबूधाबी के इंजीनियर ने 30 लाख के लिए भिलाई में डेंटिस्ट पत्नी को किया प्रताड़ित

भिलाई
भिलाई के सेक्टर-1 निवासी एक दंत रोग चिकित्सक ने आबूधाबी यूएई में रहने वाले अपने पति, सास और ससुुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित उसके पिता से 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न दिए जाने पर आरोपितों ने उसे काफी ज्यादा प्रताड़ित किया। आरोपित पति आबूधाबी में पेशे से इंजीनियर है। महिला थाना में तीनों आरोपितों के खिलाफ महिला उत्पीड? की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सेक्टर-1 निवासी पीड़िता की शादी बीते 24 अगस्त 2017 को केरल के पालघाट निवासी थामस जकरिया के बेटे डिजो आइसक थामस से हुई थी। शादी के समय शिकायतकर्ता के पिता ने 40 तोला सोने का जेवर, पांच लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये चेक के माध्यम से दिया था। इसके बाद भी जब वो अपने ससुराल गई, तो आरोपित ससुर थामस जकरिया और सास आयरिन जकरिया ने दहेज में कम सामान लाने की बात कहकर उसे प्रताड़ित करना शुुरू कर दिया।

शादी के बाद उसके परिचितों और दोस्तों का मोबाइल पर बधाई से संबंधित मैसेज आया, तो आरोपित पति ने उसके चरित्र पर शंका करने लगा। कुछ दिनों बाद वो अपने पति के साथ आबूधाबी गई, तो आरोपित ने उससे और ज्यादा बुरा बर्ताव करना शुरू कर दिया। उससे मारपीट कर उसे कमरे में बंद रखता था। वहां पर महिला गर्भवती हुई तो आरोपित पति ने उसे मायके भेज दिया। यहां 23 सितंबर 2018 को शिकायतकर्ता ने एक बेटे को जन्म दिया तो ससुराल वाले भिलाई आए, लेकिन यहां भी आरोपितों ने मायके वालों से 30 लाख रुपये की मांग की। बच्चे के जन्म के बाद दिसंबर 2018 में महिला फिर से अपने पति के साथ आबूधाबी गई। वहां जाने के बाद आरोपित पति ने फिर से उससे मारपीट करना शुरू कर दिया। वहां काफी दिनों तक सब कुछ सहन करने के बाद शिकायतकर्ता ने अपने पिता को मोबाइल पर सारी बातें बताई।

इसके बाद उसके पिता ने उसे भारत बुलवाया और 18 दिसंबर 2020 को मायके लेकर आए। यहां आने के बाद उसने महिला थाना में शिकायत की। पुलिस ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दोनों पक्षों के बीच काउंसलिंग भी की, लेकिन समझौता न होने पर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला थाना में ही एक अन्य मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि हरिनगर दुर्ग निवासी शिकायतकर्ता की शादी 21 अप्रैल 2014 को आरोपित सौरभ श्रीवास्तव से हुई थी। शादी के बाद वो अपने ससुराल गई और वहां से अपने पति के कार्य स्थल हैदराबाद और ओडिशा चली गई। वर्ष 2017 में वो गर्भवती हुई और अपने मायके आई। मायके में बच्चे के जन्म के बाद करीब 10 महीने बाद तक आरोपित पति उसे ले जाने से इन्कार करता रहा।

काफी दबाव डालने पर आरोपित पति उसे अपने साथ ओडिशा लेकर गया, तो महिला को पता चला कि उसके पति का एक महिला से अवैध संबंध स्थापित हो गया है। इसके चलते वो उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता था। इस बात पर आपत्ति करने पर आरोपित उससे मारपीट करता था। वर्ष 2019 में आरोपित पति ओडिशा से दुर्ग आ गया और व्यापार करने के लिए अपनी पत्नी पर तीन लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोपित ससुर संजय श्रीवास्तव, सास यामिनी श्रीवास्तव और ननंद सुमन श्रीवास्तव ने भी रुपये की मांग पर आरोपित पति का ही साथ दिया। मांग पूरी न होने पर आरोपितों ने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद महिला अपने मायके आई और महिला थाना में शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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