भोपाल

प्रदेश में अगले सप्ताह से शुरू हो सकती हैं 9वीं और 12वीं की नियमित कक्षाएं

    भोपाल
एक सप्ताह के अंदर एमपी में करीब 8 महीने बाद 9वीं और 12वीं की नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इसे लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनके पैरेंट्स काफी चिंतित हैं। खास कर भोपाल और इंदौर में कोरोना की रफ्तार में कमी नहीं हुई है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने इसे लेकर स्पेशल प्रोटोकॉल तैयार किया है। जिसकी कड़ाई से पालन किया जाएगा।

नियमित कक्षाएं शुरू करने की फाइल सीएम शिवराज सिंह चौहान के पास पहुंच गई है। सीएम सचिवालय से इसे जल्द मंजूरी मिल सकती है। अभी स्कूलों में 9वीं और 12वीं के छात्रों के लिए 2 घंटे का मार्गदर्शन क्लास संचालित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एसओपी के अनुसार 21 सितंबर से ऐसे ही कक्षाएं चल रही हैं। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार तारीखों की घोषणा से पहले अभिभावकों की राय ले सकती है। लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दावा किया है कि राज्य सरकार इस महीने के अंत तक 9वीं और 12वीं कक्षाएं खोलने का फैसला किया है।

अभिभावकों ने कहा कि दूसरे राज्यों में स्कूल खोलने के फैसले बहुत परेशान करने वाले हैं। अभी किसी भी क्लास के लिए नियमित कक्षाएं खोलना अच्छा नहीं है। हमें अभी और कोरोना की स्थिति को देखना चाहिए, उसके बाद कोई निर्णय लें। स्कूल खोलने का निर्णय छात्रों को परेशानी में डाल सकता है। हम अनावश्यक परेशानी को आमंत्रण दे रहे हैं। इस बारे में बात करते हुए 10वीं की छात्रा की मां अनन्या साहू ने कहा कि मैं किसी भी स्थिति में अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजूंगी।

केस मिलने पर जिम्मेदारी कौन लेगा
12वीं के छात्र के पिता शांतनु दीक्षित ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि अभिभावक यह भी जानना चाहते हैं कि स्कूल खुलने के बाद अगर कोई पॉजिटिव केस मिलता है तो कौन किस पर कार्रवाई करेगा। कोविड केस मिलने के मामले में स्कूल प्रबंधन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। वे केवल आश्वासन दे रहे हैं कि हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कोविड नियमों के पालन के बावजूद केस मिले हैं। अभिभावक मंत्री से भी मिलने की बात कर रहे हैं।

स्कूलों का यह है जवाब
निजी स्कूल एसोसिएशन के सचिव बाबू थॉमस ने कहा कि माता-पिता ओवररिएक्ट कर रहे हैं। 21 सितंबर से हमारे स्कूल कैंपस खुले हैं। हमारे शिक्षक और अन्य लोग कोविड मापदंडों का पालन करते हुए स्कूल आ रहे हैं। लेकिन अभी तक कोविड का कोई केस नहीं आया है। छात्रों को भी उसी तरह की सुरक्षा दी जाएगी। हम यह भी जानते हैं कि एक भी केस मिला तो हमारी परेशानी बढ़ सकती है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।

स्कूलों ने यह भी कहा है कि माता-पिता कैंपस में आकर अपनाए जा रहे उपायों की जांच कर सकते हैं। फीस जमा करने के लिए, कई माता-पिता परिसर का दौरा कर चुके हैं। उन लोगों ने देखा है कि स्कूल परिसर में सख्त उपायों का पालन किया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिए यहीं हम कर सकते हैं। स्कूल अगर अधिक समय तक बंद रहा तो बच्चों पर अधिक दवाब होगा।

ऐसा भी कर सकते हैं स्कूल
वहीं, अभिभावक जिस तरह से चिंतित है। उसे देखते हुए स्कूल ये कदम उठा सकते हैं। स्कूल अल्टरनेट क्लास संचालित कर सकते हैं। इस दौरान क्लास में छात्रों की संख्या की आधी होगी। दो छात्रों के बीच में एक सीट खाली रहेगी। कंटेनमेंट जोन के छात्रों की स्कूल में एंट्री नहीं होगी। वहीं, कोविड के लक्षण दिखने के बाद छात्रों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों के लिए स्कूल और वैन में सीट सुरक्षित होंगे। इसके साथ ही दूसरे नियमों की भी कड़ाई से पालन की जाएगी।

अभी स्कूल उठा रहे हैं ये कदम
1. अगर स्कूल के कर्मचारी और शिक्षक बीमार हैं, तो वह स्कूल नहीं आ सकते हैं।
2. स्कूल कर्मचारी यह आश्वस्त करेंगे कि लंच और फ्री टाइम में छात्र कहीं जमा नहीं होंगे।
3. बच्चों और शिक्षकों की नियमित रूप से काउंसलिंग की जाएगी।
4. अगर किसी छात्र को बुखार, सर्दी और सांस लेने में कोई परेशानी होती है, तो उसके लिए अलग रूम होगा।
5. स्कूल में मास्क और फेस कवर अनिवार्य होगा।
6. इसके साथ ही स्कूलों में सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था होगी।
7. प्रवेश और निकास के लिए स्कूल में एक से अधिक गेट होंगे।
8. अगर कोई संक्रमित होता है तो पूरे स्कूल को सैनिटाइज किया जाएगा।
9. स्कूल के लैब, लाइब्रेरी और कैंटीन में सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।

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