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भारत में लगातार कमजोर पड़ता जा रहा कोरोना,ऐक्टिव केस7,15,812 लाख

नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है। यही वजह है कि पिछले तीन दिनों से ऐक्टिव कोविड केस की संख्या सात लाख से आसपास ही है। बुधवार को 24 घंटों में ऐक्टिव मरीजों की संख्या में 24,278 की गिरावट दर्ज की गई और अब यह 7,15,812 पर आ चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को पिछले 24 घंटों के कोविड-19 महामारी का आंकड़े जारी किए। इसमें बताया गया है कि देश में पिछले 24 घंटों में कोविड- 19 के 55,838 नए मामले आने के बाद देश में पॉजिटिव मामलों की संख्या 77,06,946 हुई। 702 नई मौतों के बाद कुल मौतें 1,16,616 हुईं।

वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR)ने बताया कि कल 21 अक्टूबर तक कोरोना वायरस के लिए कुल 9,86,70,363 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 14,69,984 सैंपल कल टेस्ट किए गए।

अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा टेस्ट भारत में
इस हफ्ते भारत में 10 करोड़ टेस्ट पूरे किए जा सकते हैं। बुधवार तक ही देश में 9.72 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। इससे ज्यादा 12.7 करोड़ टेस्ट अब तक सिर्फ अमेरिका में किए गए हैं। दिल्ली में हर दिन 10 लाख लोगों पर 2 लाख टेस्ट, आंध्र में 1.37, तमिलनाडु में 1.2 लाख, केरल में 1.14 लाख, कर्नाटक में एक लाख, बिहार में 78,563, महाराष्ट्र में 67,500, यूपी में 59,764, राजस्थान में 45,611 और पश्चिम बंगाल में 42,088 टेस्ट किए जा रहे हैं।

कोविड से पता चला- सार्वजनिक स्वास्थ्य में निवेश कितना जरूरी: WHO

उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश के महत्व को रेखांकित किया है। स्वामीनाथन ने कहा कि हमारे पास अगले साल की शुरुआत में कोरोना वायरस के कम से कम दो टीके उपलब्ध हो सकते हैं। जिनेवा से 15वें जेआरडी टाटा स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक ने शिक्षा, महिलाओं के खिलाफ हिंसा आदि पर कोविड-19 के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैंने बीते नौ-10 महीनों में जाना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बहुत अहम है।'

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