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 पुलिस की साइबर सेल ने जिगोलो की जॉब के बहाने बेरोजगार युवाओं को ठगने वाला गिरफ्तार 

 
नई दिल्ली  
                                                                                                                                                                                 
पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो बेरोजगार युवाओं को जिगोलो (पुरुष वेश्या) बनाने का झांसा देकर उनके साथ ठगी करता था। इस काम के लिए आरोपी ने अपनी एक वेबसाइट भी बनाई हुई थी। इसके चलते लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कोरोना काल के दौरान उसने 80 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी युवक की पहचान अंकित (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उत्तम नगर स्थित उसके घर के पास से 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पांच बैंक अकाउंट में मौजूद 23 लाख रुपये की राशि को सीज करवा दिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कब से इस काम में लगा हुआ था और कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है। वह पैसे लेने के बाद ठगी के शिकार बने पीड़ितों के फोन नम्बर ब्लॉक कर देता था।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दीपक पुरोहित ने बताया कि राकेश नाम के युवक ने जनकपुरी थाना में ठगी की शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उसने बताया था कि वह लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसने एक वेबसाइट देखी, जिस पर जिगोलो क्लब में शामिल कर नौकरी देने की बात कही गई थी। वेबसाइट पर दिए गए नम्बरों पर कॉल करने पर फोन उठाने वाले ने बताया कि वह अपने फ्रेंडशिप क्लब में शामिल करने के बाद उन्हें जिगोलो की नौकरी देंगे। पीड़ित ने नौकरी करने की इच्छा जताई, जिसके बाद आरोपियों ने उससे क्लब में एंट्री फीस के नाम पर 11 हजार रुपए मांगे। पीड़ित ने पैसों का इंतजाम करने के लिए समय मांगा और आरोपियों के दिए गए अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवा दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे जनकपुरी बुलाया और उसका नम्बर ब्लॉक कर दिया। अपने साथ ठगी होने का अहसास होने पर पीड़ित ने जनकपुरी थाना पुलिस को इसकी शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

कोरोना काल में 80 लोगों से ठगी 
साइबर सेल के इंस्पेक्टर अरुण कुमार, एसआई अमित वर्मा और हेड कॉन्स्टेबल विवेक की टीम ने जांच के दौरान अकाउंट नम्बर और मोबाइल नम्बर की जानकारी निकाली। साथ ही पुलिस ने पीड़ित द्वारा बताई गई वेबसाइट से महत्वपूर्ण सुराग जुटाए और मंगलवार 20 अक्टूबर की शाम को आरोपी अंकित को उसके घर के पास उत्तम नगर से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि वह लंबे समय से इस काम में लगा हुआ है। आरोपी ने बताया कि पिछले तीन माह में ही उसने 80 से ज्यादा लोगों से ठगी की है। आरोपी ने बताया कि इस समय लोगों के पास काम नहीं हैं, ऐसे में वह बड़ी संख्या में इंटरनेट की मदद से काम तलाश रहे हैं। ऐसे में वह आरोपी ने उसकी वेबसाइट पर आने वाले लोगों को ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने का झांसा देता था। पुलिस को जांच के दौरान पांच अकाउंट मिले हैं, जिनमें जमा कुल 23 लाख रुपये को पुलिस ने बैंक की मदद से सीज करवा दिया है।

शर्म के कारण शिकायत नहीं करते थे लोग
आरोपी ने बताया कि वह वेबसाइट के जरिये लोगों को झांसे में लेता था। झांसे में लेने के बाद वह लोगों को बढ़िया पैसा वापस देने की बात कहकर क्लब की एंट्री फीस, सिक्योरिटी मनी साहित कई अन्य बातों के नाम पर उनसे पैसा अपने अकाउंट में जमा करवा लेता था और पैसा आने के बाद वह उनके नम्बर ब्लॉक कर देता था। आरोपी ने बताया कि ज्यादातर लोग शर्म के चलते ठगी होने के बाद पुलिस को शिकायत नहीं करते थे। ऐसे में वह इतने दिनों से पकड़ा भी नहीं गया था। आरोपी ने बताया कि उसने कई राज्यों के लोगों के साथ बढ़िया काम दिलाने के नाम पर ठगी की है।

ठगी की रकम से जमा की प्रॉपर्टी
पुलिस अब ठगी के शिकार हुए लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की उम्र 20 साल है और उसने ठगी के पैसों से अच्छी प्रॉपर्टी जमा कर ली है। पुलिस आरोपी की प्रॉपर्टी की भी जांच कर रही है।

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