भोपाल

चुनावी सभा पर रोक के बीच भाजपा का प्लान- बी

भोपाल
कोरोना काल में सामाजिक बैठकों के बाद अब बीजेपी बूथ के कांसेप्ट को और मजबूत करने में जुट गई है। इसके लिए संगठन ने तय किया है कि चुनावी सभाओं और रैलियों के बजाय चौपालनुमा छोटी बैठकें अधिक से अधिक की जाएं। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ हुए मंथन के बाद प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने पूरी टीम को इस काम में लगा दिया है। संगठन के पदाधिकारी उपचुनाव वाले क्षेत्रों में अगले दस दिन तक लगातार गांव और बूथ स्तर की बैठकें करेंगे। यह फैसला इसलिए भी प्रासंगिक हो गया है क्योंकि हाईकोर्ट में चुनाव आयोग की शर्तों के आधार पर सहमति के बिना चुनावी सभाओं पर रोक लगा दी है।

उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश अध्यक्ष शर्मा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते, थावरचंद गहलोत, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ पार्टी के सभी बड़े नेताओं के दौरे लगातार हो रहे हैं। इस बीच भाजपा संगठन ने वोटर तक पहुंचने के लिए एक नया फार्मूला छोटी बैठकें करने का निकाला है। इन बैठकों में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संभागीय संगठन मंत्री की भूमिका फोकस की गई है। संगठन की कोशिश है कि एक दिन में बीस से पच्चीस बैठकें बूथ के आधार पर की जाएं ताकि मतदान के लिए थमने वाले शोर के पहले विधानसभा के हर बूथ तक छोटी बैठकों का दौर पूरा कर कांग्रेस की कमजोरियों और भाजपा सरकार के विकास कार्यों से लोगों को सीधे अवगत कराने का काम किया जा सके। प्रदेश सह संगठन मंत्री हितानंद शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री के साथ चल रहे हैं।

सामाजिक बैठकों का दौर जारी
प्रदेश संगठन ने उपचुनाव वाले क्षेत्रों में सामाजिक बैठकों का दौर जारी रखा है। इसके लिए समाज के बड़े नेताओं की बैठकें बुलाकर पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल बनाने का काम चल रहा है। खासतौर पर ग्वालियर चंबल संभाग की सीटों पर पार्टी इस पर ज्यादा फोकस कर रही है। यहां ब्राह्मण, क्षत्रिय, कोरी, कुशवाह, गुर्जर, वैश्य समेत अन्य समाज के सम्मेलन करके स्थानीय लोगों को कांग्रेस की कलह और कमलनाथ सरकार की अन्य सभी कमजोरियों से अवगत कराने का काम किया जा रहा है।

Tags

Related Articles

Close