ग्वालियर

भांडेर, अंबाह और सुमावली की सभाओं में सीएम ने साधा कांग्रेस पर निशाना

ग्वालियर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 15 साल बाद जब कांग्रेस की सरकार आई, तो हमने सोचा था कि ये सरकार कुछ अच्छा करेगी, वादे पूरे करेगी। लेकिन कांग्रेस ने जिस कर्जमाफी के नाम पर किसानों को धोखा दिया, वह पहाड़ नहीं, बल्कि मरी हुई चुहिया निकली और कमलनाथ उसे हाथ में लेकर घूम रहे हैं।

भांडेर में बीते रोज आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि हमारी सरकार बनने पर सभी किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ होगा। वहीं जब सरकार बनी, तो आदेश निकाला कि सिर्फ अल्पकालीन फसली ऋण ही माफ होगा। इससे लाखों किसान कर्जमाफी से बाहर हो गए। इसके बाद आदेश निकाला कि 31 मार्च 2018 तक का कर्ज माफ करेंगे, तो कई किसान बाहर हो गए। फिर आदेश निकाला सिर्फ  कालातीत ऋण ही माफ करेंगे, इससे चालू खाते वाले हजारों किसान साफ हो गए। फिर कहने लगे जिनका एक ही बैंक में खाता है, उनका कर्जमाफ होगा। इस तरह 55 हजार की कर्जमाफी को कमलनाथ सरकार शर्तें जोड़-जोड़कर 6000 करोड़ तक ले आई और इसमें से भी आधी रकम बैंकों के सिर मढ़ दी। श्री चौहान ने कहा कि कर्जमाफी के धोखे से लाखों किसान डिफाल्टर हो गए हैं। उनके सिर पर ब्याज की गठरी चढ़ गई है लेकिन किसानों को अब चिंता करने की जरुरत नहीं क्योंकि ब्याज की गठरी मामा उतरवाएगा। सीएम श्री चौहान ने  अंबाह और सुमावली में भी सभाएं लीं। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिह तोमर और गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी जनसभाअ‍ों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 23 मार्च को हमारी सरकार बनी तब पता चला कि कमलनाथ सरकार ने फसल बीमा की प्रीमियम के 2200 सौ करोड़ रुपए नहीं भरे। हमने प्रीमियम भरी, जिसके बाद किसानों को 3100 करोड़ की राशि मिली। हमने वर्ष 2019 के रबी और खरीफ सीजन के बीमे के 4688 करोड रुपए 22 लाख किसानों के खाते में डलवाए।  कमलनाथ सरकार ने 0 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज की योजना बंद कर दी थी,  हमने 800 करोड़ रुपए उसके भरे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 5340 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डलवाए। इससे भी संतोष नहीं हुआ तो हमने 4000 रुपये प्रदेश सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि में देने का निर्णय लिया और 3564 करोड रुपए किसानों के खाते में डालेंगे। इसके अलावा कमलनाथ सरकार के समय सोयाबीन की फसल खराब हुई थी, जिसकी राहत राशि उन्होंने अभी तक नहीं दी। इसके भी 4000 करोड़ रुपए हम किसानों के खाते में डालेंगे। श्री चौहान ने कहा कि कमलनाथ हमेशा खजाना खाली होने का रोना रोते रहते थे, लेकिन कोरोना संकट के बावजूद हमारी सरकार अब तक किसानों पर लगभग 23 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।

 

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