Breaking News छत्तीसगढ़ बिलासपुर

*मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए स्वामी आत्मानंद की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भावधारा और स्वामी विवेकानंद की विचार धारा को कार्य रूप में परिणित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कोलकत्ता के बाद सर्वाधिक समय रायपुर में व्यतीत किए। रायपुर प्रवास के दौरान वे जिस भवन में रहे, उस भवन में स्वामी विवेकानंद की स्मृति में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज अपने निवास कार्यालय से विवेकानंद विद्यापीठ रायपुर द्वारा आयोजित स्वामी आत्मानंद स्मृति राष्ट्रीय वेबीनार को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानन्द को स्मरण करते हुए कहा कि स्वामीजी के जीवन में उनके शिक्षक तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिता का विशेष प्रभाव पड़ा, जिनके सानिध्य में उन्हें अपने बाल्यकाल में ही वर्धा स्थित गांधी आश्रम में रहने का अवसर मिला। स्वामीजी ने अपने जीवन में सेवापरायणता के माध्यम से रामकृष्ण भावधारा और स्वामी विवेकानंद के विचारों को कार्यरूप में परीणित किया। स्वामी रामकृष्ण परमहंस विश्व के एकमात्र ऐसे संत थे, जिन्होंने ‘जितने मत-उतने पंथ‘ का विचार देते हुए विभिन्न पंथों और संप्रदायों में निहित एकरूपता को स्थापित किया।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वेबीनार में कहा कि स्वामी आत्मानंद के वनांचल में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की