भोपाल

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में झूठे किसानों के माध्यम से किए गए बड़े-बड़े दावे

भोपाल
मध्य प्रदेश के किसानों को शिवराज  सरकार किस तरह गुमराह करने और भ्रम फैलाने के लिए शासकीय धन का दुरुपयोग कर रही है उसका उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस के युवा विधायक कुणाल चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कुचक्र को बेनकाब किया। उन्होंने मुख्यमंत्री की एक इवेंट जिसमें कि वह किसी बड़े होटल में कुछ किसानों को बैठा कर उनकी फसल की जानकारी लेकर प्रदेश को यह जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे थे कि प्रदेश में किसानों के ना केवल उत्पादन में वृद्धि हो रही है बल्कि वह 3 एकड़ के छोटे से खेत में भी लाखों रुपए कमा रहे हैं।

 मुख्यमंत्री के इस वीडियो को देखकर मंदसौर जिले के एक जागरूक कृषक बद्री लाल धाकड़ ने जब उपसंचालक कृषि विभाग को फोन लगाया और उस किसान से बीज खरीदने हेतु उसकी जानकारी मांगी तो उन अधिकारी महोदया ने ऐसी कोई भी जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि आप हॉर्टिकल्चर विभाग में बात करें ।उन्होंने हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारी का नंबर भी किसान को दिया। किसान धाकड़ ने जब हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारी नीरज सांवरिया को फोन द्वारा संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि झूठा वीडियो वायरल हो गया है।

बाद में उन्होंने कहा कि उस वीडियो में जिस किसान को बुलाया गया है उसका चयन उन्होंने नहीं बल्कि भोपाल के प्रदेश अधिकारियों ने किया था इसलिए इंटरव्यू में व्यक्त किए गए विचारों के लिए भोपाल के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं ।जब जागरूक  किसान बद्री धाकड़ ने इस अधिकारी से और जानकारी लेना चाही तो उसने भड़ककर भविष्य में फोन ना लगाने की बात कही और जब किसान ने कहा कि इसकी जानकारी  मुख्यमंत्रीजी को दी जाएगी तब उसने इंटरव्यू में बिठाए गए फर्जी किसान का फोन नंबर देकर पल्ला झाड़ लिया।

उद्यानकी अधिकारी नीरज सांवरिया के दिए हुए नंबर पर जब किसान से बात की गई और बीज खरीदने की चर्चा की गई तो किसान की पोल पट्टी खुल गई ।वह तो हेक्टेयर एकड़ और बीघा तक का अंतर नहीं समझता था और ना ही उसे लहसुन की खेती करने की कोई विशेष जानकारी थी ।जब जागरूक कृषक धाकड़ ने उससे समस्त किसानों से इस झूठे इंटरव्यू के लिए माफी मांगने की बात की और कहा कि नहीं तो उसके घर के सामने किसान धरना देंगे।

तब उसकी सच्चाई सामने आ गई झूठे किसानों को बिठाकर झूठे दावे करवाने और ऐसे आयोजनों पर करोड़ों रुपया शासन का व्यर्थ करने का खुलासा होने से यह सिद्ध हो गया है कि प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री की झूठी वाहवाही करने के लिए झूठे आयोजन कर प्रदेश के जन धन को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं वीडियो और ऑडियो के माध्यम से इस साजिश को बेनकाब करते हुए कुणाल चौधरी ने तत्काल ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की ।उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे झूठे आयोजनों के माध्यम से किसानों को गुमराह करने के प्रयत्नों के लिए मुख्यमंत्री को प्रदेश के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।

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