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प्रदर्शनकारियों और राजस्थान सरकार में बातचीत, डूंगरपुर में हालात तनावपूर्ण

जयपुर
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक राजमार्ग पर युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर हालात को सामान्य बनाने की कोशिश के तहत शनिवार को आंदोलनकारी युवाओं के प्रतिनिधि मंडल की जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी इस बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से फोन पर बात की। वहीं इलाके में शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने कई और गाड़ियां जला डालीं। डूंगरपुर में एक राजमार्ग पर तीन दिन से जारी हिंसा के बीच राज्यपाल मिश्र ने शनिवार शाम राज्य के प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून और व्यवस्था सौरभ श्रीवास्तव को राजभवन बुलाया और उन्हें इस हिंसा पर तत्काल नियंत्रण के लिए निर्देश दिए। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर उदयपुर पहुंचे जनजाति क्षेत्र विकास मंत्री अर्जुन बामणिया, उदयपुर से पूर्व सांसद रघुवीर मीणा व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आंदोलनकारी युवाओं के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। यह बातचीत लगभग 3 घंटे चली। मीणा ने कहा, ''हमने प्रदर्शनकारियों से हिंसक रास्ता छोड़ने को कहा और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए वैधानिक तरीके से जो भी संभव है करेगी।'' बैठक में बामणिया के अलावा भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक राजकुमार रोत व रामप्रसाद, कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा, पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, कुछ वकील भी शामिल हुए। रोत ने कहा,'' शुरू में प्रदर्शन अभ्यर्थी युवाओं ने किया था लेकिन हमारे पास ऐसी रिपोर्ट हैं कि पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानी ग्रामीणों को निशाना बनाया और उन्हें गिरफ्तार किया जिससे हिंसा और भड़की। अब यह मामला ग्रामीण बनाम पुलिस व प्रशासन हो गया है।'' उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हालात पर काबू पाना है। बैठक के बाद रोत व मीणा खेरवाड़ा के लिए रवाना हो गए जहां वे प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करेंगे। इस बीच, डूंगरगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 पर पथराव व आगजनी की और घटना शनिवार को हुई। पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार दो बाइक जला दी गयीं और प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से भिड़ंत भी हुई। इससे पहले उदयपुर रेंज की पुलिस महानिरीक्षक बिनीता ठाकुर ने 'पीटीआई-भाषा से कहा कि इलाके में कानून व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ठाकुर ने शनिवार को कहा कि प्रदर्शनकारी राजमार्ग के दोनों ओर पहाड़ियों पर मौजूद हैं जबकि राजमार्ग पर पुलिस बल मौजूद है। हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी के अनुसार रतनपुर से खारीवाड़ा तक लगभग 25 किलोमीटर की दूरी में राजमार्ग बंद है। पिछले दो दिन में प्रदर्शनकारियों ने 20 से अधिक वाहनों को आग लगाई है, पेट्रोल पंप व होटल में लूट पाट की है तो कई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक के वाहन सहित पुलिस के कई वाहनों को जला दिया गया है। पत्थराव में 35 पुलिस वाले घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) से जुडी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा बृहस्पतिवार शाम को उग्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस दल पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हिंसा शुक्रवार को भी जारी रही जबकि डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर प्रदर्शनकारियो ने पुलिस दल पर पथराव किया और कुछ बसों को आग लगा दी। एक पेट्रोल पंप पर लूटपाट भी की गई। प्रशासन ने एहतियातन जिले में निषेधाज्ञा लगाते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने डूंगरपुर में चल रहे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति डूंगरपुर का दौरा कर अपनी रिपोर्ट पूनियां को सौंपेगी। समिति में पार्टी के प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, उदयपुर सांसद अर्जुन लाल मीणा व चित्तौड़गढ़ सांसद सी. पी. जोशी शामिल हैं।

 

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