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कारोबारी हत्याकांड : एसआईटी ने महोबा में तलाशे वसूली व हत्या के साक्ष्य

 लखनऊ  
एसपी महोबा पर घूस मांगने का आरोप लगाने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या से जुड़े पूरे मामले की जांच करने पहुंची एसआईटी ने बुधवार को घटनास्थल का भी जायजा लिया। आईजी विजय सिंह मीना की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने एसपी के साथ आरोपित अन्य पुलिस कर्मियों के संबंध में जानकारी जुटाई। 

एसआईटी ने सबसे पहले महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाघवा खेड़ा स्थित उस घटनास्थल का ही दौरा किया, जहां व्यापारी इंद्रकांत को गोली मारी गई थी। आईजी विजय सिंह मीना के साथ एसआईटी के दो अन्य सदस्यों डीआईजी शलभ माथुर व एसपी अशोक त्रिपाठी ने घटनास्थल से हमलावारों के भागने के संबंध में जानकारी जुटाई। 

टीम ने मृतक इंद्रकांत के घर जाकर परिवारीजनों से भी जानकारी ली। साथ ही एसपी के साथ आरोपों के घेरे में आए पुलिसकर्मियों के बारे में भी सवाल किए। टीम ने इंद्रकांत के वायरल ओडियो क्लिप्स भी हासिल किए, जिसमें उसकी अलग-अलग लोगों से बातचीत हुई है। ये सभी आडियो उसे गोली मारे जाने से पहले के हैं। इसमें उसने एसपी पर हर महीने 6 लाख रुपये न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी देने की बात कही है। टीम ने उस मुकदमे का भी पूरा ब्योरा हासिल किया, जिसमें निलंबित एसपी व अन्य पुलिसकर्मी हत्याभियुक्त बनाए गए हैं। 

इस बीच जांच टीम में मूल रूप से राजस्थान के ही रहने वाले दो आईपीएस अफसरों को शामिल किए जाने पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोपी एसपी मणिलाल पाटीदार स्वयं राजस्थान के रहने वाले हैं, जबकि जांच टीम के अगुवा आईजी विजय सिंह मीना व सदस्य डीआईजी शलभ माथुर भी मूल रूप से राजस्थान के ही निवासी हैं।  

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