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मॉनसून सत्र का तीसरा दिन आज, LAC पर चीनी घुसपैठ और सैन्य गतिरोध पर चर्चा चाहती है कांग्रेस

 नई दिल्ली 
कोरोना संकट के इस दौर में सोमवार से संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत हो चुकी है। आज संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन है। उम्मीद की जा रही है कि सदन में आज कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सकती है। ऊपरी सदन की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक चलेगी तो लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे से शाम के सात बजे तक जारी रहेगी। इससे पहले बुधवार को राजनाथ सिंह ने संसद में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ तनाव को लेकर बयान दिया।इसके अलावा, किसानों से जुड़े तीन अध्यादेशों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। भारतीय किसान यूनियन से बड़ी संख्या में जुड़े किसान अध्यादेश के खिलाफ बुधवार को संसद के बाहर धरना प्रदर्शन करने कर सकते हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है।
 
– मानसून सत्र के तीसरे दिन राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई।

– शिवसेना सांसद संजय राउत, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी संसद सत्र में भाग लेने के लिए राज्यसभा पहुंच गए।

-कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने राज्यसभा में एलएसी पर चीनी सेना की घुसपैठ और एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच सैन्य गतिरोध को लेकर छोटी अवधि की चर्चा के लिए नोटिस दिया है। 

-राजद से राज्यसभा सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में कोविड-19 और प्रवासियों के कार्यबल पर इसके प्रभावों पर शून्यकाल नोटिस दिया है।

-शिवसेना नेता औ राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्यसभा में जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) बंदरगाहों के प्रस्तावित निजीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है। 

-बसपा सांसद वीर सिंह ने राज्यसभा में  लॉकडाउन और कोरोना वायरस महामारी के कारण बेरोजगारी में वृद्धि को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है।

चीन मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने क्या कहा था
लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में चीन की सेना के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत शांतिपूर्ण तरीके से सीमा मुद्दे के हल के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन पड़ोसी देश द्वारा यथास्थिति में एकतरफा ढंग से बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि हम पूर्वी लद्दाख में चुनौती का सामना कर रहे हैं, हम मुद्दे का शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं।

लोकसभा में पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर दिये गये एक बयान में रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है। उन्होंने कहा, 'मैं इस सदन से यह आग्रह करना चाहता हॅूं कि हमें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि हम अपने वीर जवानों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर खड़े हैं, जो कि अपनी जान की परवाह किए हुए बगैर देश की चोटियों की उचाइयों पर विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत माता की रक्षा कर रहे हैं।'

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