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NASA ने किया साफ, अमेरिकी चुनाव से एक दिन पहले आने वाले ऐस्टरॉइड 2018VP1 से धरती को कितना खतरा

वॉशिंगटन
कुछ दिन पहले यह खबर आई थी कि अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, 2 नवंबर को कार एक छोटा ऐस्टरॉइड धरती की ओर आएगा। इसे लेकर आशंका जताई गई थी कि इसके धरती से टकराने की संभावना है। अब अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने साफ किया है कि अगर यह टक्कर होती है तो इससे धरती को कितना नुकसान होगा।

इसलिए नहीं है कोई खतरा
NASA ने बताया है कि ऐस्टरॉइड 2018VP1 बेहद छोटा है। इसका आकार करीब 6.5 फीट बड़ा है और इससे धरती को कोई खतरा नहीं है। धरती के वायुमंडल में इसके दाखिल होने की संभावना 0.41% है लेकिन अगर यह दाखिल होता भी है तो भी इससे नुकसान की आशंका कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि छोटे आकार की वजह से यह वायुमंडल में दाखिल होने के साथ ही टूटकर जल जाएगा। 

रोज गिरती है टनों धूल
2018VP1 Apollo ऐस्टरॉइड की श्रेणी में आता है। ये धरती के पास मौजूद ऐसे ऐस्टरॉइड होते हैं जिनका ऑर्बिट (कक्षा) धरती से बड़ा होता है लेकिन ये फिर भी धरती की कक्षा में आ जाते हैं। ऐसा पहला ऐस्टरॉइड Apollo 1862 में खोजा गया था। NASA का कहना है कि धरती पर हर रोज ऐसी टनों धूल गिरती है और 2018VP1 के आकार के ऐस्टरॉइड कोई भी नुकसान पहुंचाने के लिए बेहद छोटे हैं। 16 Pysche पर पहुंचने के बाद यह स्पेस रोबॉट वहां लोहे, निकल और सोने की खोज करेगा। ऐसा भी हो सकता है कि यह कोई ग्रह रहा हो जिसकी बाहरी परतें निकल चुकी हैं और अब सिर्फ Core बची है। फोर्ब्स मैगजीन के दावे के मुताबिक इस ऐस्टरॉइड में जितना धातु है वह पूरी दुनिया की इकॉनमी से कई गुना ज्यादा 10, 000 क्वॉड्रिलियन डॉलर (10,000,000,000,000,000,000 डॉलर) की कीमत का हो सकता है। इस एयरक्राफ्ट Psyche को Elon Musk की कंपनी SpaceX के Falcon Heavy Rocket से लॉन्च किया जाएगा। यह 2023 में मंगल के पास से गुजरेगा और जनवरी 2026 में ऐस्टरॉइड का चक्कर काटना शुरू करेगा। वहां पहुंचने के बाद यह मैग्नेटिक फील्ड को नापेगा, तस्वीरें लेगा और न्यूट्रॉन्स-गामा रे का अनैलेसिस करेगा। प्रॉजेक्ट मैनेजर हेनरी स्टोन का कहना है ऐसे डीप स्पेस मिशन्स में हमें अपने हार्डवेयर को लेकर गर्व होता है। इंटिग्रेटेड सिस्टम इतना अच्छा है कि व्यापक टेस्ट की जा सकती है। अच्छी स्थिति और मजबूती के साथ जितना चाहे स्ट्रेस टेस्ट कर सकते हैं। उनका कहना है कि हर प्रॉब्लम को ढूंढकर उसे सुलझाने की कोशिश होती है क्योंकि लॉन्च के बाद हार्डवेयर को ठीक नहीं किया जा सकता। इसकी कीमत से यह सवाल उठ सकता है कि इसे धरती पर लाना चाहिए लेकिन अगर ऐसा किया गया तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती पर ऐस्टरॉइड मटीरिअल के बाजार में आने से बेशकीमती धातुओं की कीमत अचानक गिर जाएगी। इस तरह की वस्तुओं का खनन, बिक्री करने वाली सभी कंपनियों की वैल्यू गिरने लगेगी और पूरा बाजार बिगड़ जाएगा। यहां तक कि अगर इस ऐस्टरॉइड का एक टुकड़ा भी धरती पर लाया जाता है तो इसे संभालना मुश्किल होगा।' हालांकि नासा की ऐसी कोई योजना है भी नहीं।

NASA रखता है खतरे पर नजर
इस ऐस्टरॉइड की खोज 2018 में कैलिफॉर्निया की पालोमर ऑब्जर्वेटरी में की गई थी। इसके छोटे आकार की वजह से इसे Potentially Hazardous Objects की लिस्ट में नहीं रखा गया है। NASA की Sentry Risk Table में ऐसे खतरनाक Asteroids पर नजर रखी जाती है ताकि भविष्य में इनसे होने वाले खतरे से बचा जा सके।