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लॉकडाउन खुला है, कोरोना डाउन नहीं हुआ-बाजार फिर रेलम पेल

रायपुर
लॉकडाउन दो सप्ताह बाद क्या हटा लोगों ने तो शायद यह मान लिया कि कोरोना खत्म हो गया। शुक्रवार को  शहर का नजारा देखकर तो यही लग रहा था। मुख्य बाजार की तो छोड़ दें कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं होगा जहां भीड़ नजर न आ रही हो। मालवीय रोड, जयस्तंभ चौक,गोलबाजार एवं आसपास की सड़कों पर तो जाम की स्थिति बनी रही।

सड़कों-बाजारों में यदि ऐसा ही हाल रहा तो संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जा सकेगा? लॉकडाउन खत्म होने के आखिरी दिन की मेडिकल रिपोर्ट को जरा याद कर लें जब 5 सौ संक्रमित मिले थे और 6 लोगों को मौत हुई थी। शासन लोगों की सुविधा व मांग पर फैसला लेती है और लोग हैं कि सारे नियम कायदे बाजार खुलने के बाद भूल जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी बार-बार चेता रहा है कि अगस्त-सितंबर का महीना और ज्यादा सतर्क रहने का है।

ठीक है जिंदगी चलाने के लिए सब जरूरी है,लेकिन यदि चूक गए तो क्या जिंदगी दोबारा मिलेगी? रायपुर समेत सूबे के अन्य जिलों में भी लगभग दो सप्ताह का लाकडाउन रहा,तब अधिकांश लोग नियमों का पालन करते हुए घरों में रहें। इस बीच की अवधि में रोज सुबह जरूरी सेवाओं की उपलब्धता के बीच त्यौहारी मांग पर भी बाजार कुछ घंटों के लिए खोला गया था। लेकिन आज सारी सामाजिक दूरी भूल गए और फिर उसी लेन देन में व्यस्त हो गए। कोई भी सेक्टर ऐसा नहीं रहा होगा जहां भीड़ न उमड़ी हो। ठेला खोमचा से लेकर होटल,शापिंग माल से लेकर कंप्यूटर प्लाजा मेंं टूटे पड़े थे। निगम व जिला प्रशासन की टीम को कई जगहों पर मोर्चा भी संभालना पड़ा। कल जब जिला प्रशासन के साथ व्यापारिक संगठनों की बैठक हुई तब सभी ने स्वीकृति दी थी कि कोविड 19 के नियमों का पालन किया जायेगा,लेकिन आज बड़े शो रूम तो क्या अदने से किराना व मनिहारी की दुकान में भी यह नजर नहीं आया। जिस समय अवधि के लिए छूट मिली हुई है उसे पोस्टर में लिखकर दुकान के बाहर प्रदर्शित करना था लेकिन वह कहीं भी नजर नहीं आया। सब यही मानकर चल रहे थे कि पूरे समय के लिए उन्हे छूट मिली है।

लेकिन यह भी ध्यान रखें कल कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया था कि जहां भी लापरवाही हुई,नियम तोड़े और संक्रमण बढ़ा तो फिर से लाकडाउन के लिए तैयार रहें। आखिर कब तक खेलेंगे लुकाछिपी का यह खेल? आज बंद कल खुला,परसों का भरोसा नहीं। तीज त्यौहार तो हर साल आने हैं,धंधा आज नहीं तो कल हो जायेगा। जरा इस बात पर भी गौर कर लें कि जब कोरोना का शुरूआती दौर था तब सबसे सुरक्षित अपना राज्य था,आखिर क्या वजह हो गई कि जब अन्य राज्यों में नियंत्रण की ओर हैं और हम संक्रमित होते जा रहे हैं। लॉकडाउन समाधान नहीं है आपकी सतर्कता से बचा जा सकता है।

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