राजनीति

कमियां छुपाने कोरोना को राजनैतिक हथियार बना रही है सरकारः भूपेन्द्र गुप्ता

भोपाल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारी एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान ने सार्वजनिक स्थान पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजनैतिक कार्यक्रम, शादी विवाह एवं सामाजिक कार्यक्रमों के कारण प्रदेश में कोरोना फैला है। सरकार के संख्यात्मक प्रतिबंध के बावजूद ये कार्यक्रम कैसे आयोजित हो गए यह प्रश्न महत्वपूर्ण है।

 गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में इन प्रतिबंधों के बावजूद कितनी शादियां हुई, कितने राजनीतिक व धार्मिक कार्यक्रम हुए और इनसे अब तक कितने लोग संक्रमित हुए? क्या सरकार उन तथ्यों को बताएगी जिसके आधार पर प्रशासन ने निष्कर्ष निकाला है?

 गुप्ता ने कहा कि क्या शासन इन कार्यक्रमों को रोकने में पूरी तरह असफल रहा है। पहले उसने जमातियों को दोषी बताया, फिर प्रवासी मजदूरों को और अब अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए राजनैतिक कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता पर आरोप लगा रहे हैं।  गुप्ता ने कहा कि सुलेमान के इस बयान से कम से कम यह तो सिद्ध हो ही गया है कि कोरोना फैलाने में केवल जमातियों का हाथ नहीं है और भाजपा का  हाथ है क्योंकि सबसे ज्यादा राजनीतिक कार्यक्रम भाजपा ने ही आयोजित किए हैं । भाजपा अध्यक्ष  विष्णु दत्त शर्मा  एवं संगठन मंत्री  सुहास भगत ने  कल स्वयं  अपनी वर्चुअल बैठक में  इस बात को  स्वीकार करते हुए निर्देश दिए हैं  कि "जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी  यह ध्यान रखें  कि उनके जिले में  कोई भी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी 14 अगस्त तक किसी भी तरह का सार्वजनिक आयोजन ना करें और ना ही ऐसे कार्यक्रमों में भाग लें। जो भी भाजपा कार्यकर्ता पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आया हो वह सभी अपना टेस्ट करा लें।'

 सुलेमान को अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए यह बताना चाहिए कि प्रदेश में कितने वेंटीलेटर हैं, कितने आई सी यू बेड हैंऔर कितने बिस्तर हैं क्योंकि सरकार ने यह जानकारियां 5 मई के बाद सार्वजनिक करना बंद कर दी है। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि सारे अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या निजी अस्पतालों  से कम क्यों हैं ?क्या निजी अस्पतालों को उपकृत करने के लिए ऐसा किया जा रहा है? अभी एक पखवाड़े पूर्व रायसेन में खुद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि शासकीय अधोसंरचना का मात्र 15% ही कोरोना में उपयोग हो रहा है ,तब होटलों को अनुबंधित करने की नौबत क्यों आ रही है ?क्वेरिन्टिन सेंटर में भोजन क्यों नहीं पहुंच रहा है क्वेरेन्टीन हो रहे लोगों की जांच क्यों नहीं हो रही है? सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि प्रदेश के दो प्रमुख शहरों इंदौर एवं भोपाल में रिकवरी रेट कम क्यों हो रहा है? स्पष्ट है कि एसीएस सुलेमान की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सरकार के निर्देश पर आगामी उपचुनाव को बाधित करने की कोशिश का हिस्सा है।

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