राजनीति

गहलोत सरकार ने आखिरी समय बदली रणनीति, राजस्थान के राजभवन पर इसलिए नहीं किया कांग्रेस ने प्रदर्शन!

नई दिल्ली 
राजस्थान में सियासी उठापटक का दौर जारी है। वहीं मुख्यमंत्री और राज्यपाल की लड़ाई भी जारी है। कांग्रेस पार्टी देश के विभिन्न राज्यों मे धरना-प्रदर्शन कर रही है। लेकिन इस सियासी घमासान में राजस्थान के राजभवन पर किसी तरह का विरोध-प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है। बता दें कि इस बात की जानकारी खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट कर दी है। डोटासर ने लिखा है कि "स्पीच फॉर डेमोक्रेसी" के तहत कांग्रेस देश के सभी राज्यों के राजभवन के सामने प्रदर्शन करेगी। लेकिन हम राजस्थान में ऐसा कुछ नहीं करेंगे। साथ ही ये भी कहा कि हमेंने राज्यपाल को कैबिनेट का रिवाइज नोट भेज दिया है। और उम्मीद करते हैं कि राज्यपाल सत्र बुलाने की स्वीकृति देंगे।

आपको बात दें कि राजस्थान के राजभवन पर धरना प्रदर्शन नहीं होने के कई सियासी मायने भी लगाए जा रहे हैं। 3 दिन पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने होटल फेयरमाउंट के बाहर मीडिया से बातचीत में ये कहा था कि यदि राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुलाते हैं और जनता राजभवन को घेरती है. तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। इसके बाद से ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा सहित अन्य संगठनों के निशाने पर थे। वहीं खुद राज्यपाल इस बयान से को लेकर नाराज हो गए। ऐसे में यदि कोई विरोध प्रदर्शन होता और इस दौरान कोई घटना घटित हो जाती तो उसकी पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी और सीएम अशोक गहलोत की होती। ऐसे में कांग्रेस ने कल दिनभर होटल में चर्चा के बाद इस बात का निर्णय लिया कि किसी तरह का प्रदर्शन राजभवन पर नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के बागी हो जाने के बाद से राजस्थान में सियासी संकट जारी है। कांग्रेस, बीजेपी पर विधायकों के खरीद फरोख्त का आरोप लगा रही है।
 

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