छत्तीसगढ़रायपुर

CM गहलोत-सचिन पायलट के बीच सियासी संकट पर बोले CM बघेल तो उमर अब्दुल्ला ने दी चेतावनी

रायपुर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान, तीनों राज्यों में कांग्रेस ने एक साथ ही 2018 में सत्ता हासिल की थी. मध्य प्रदेश में बीजेपी द्वारा तख्ता-पलट के बाद कांग्रेस की सरकार चली गई. पिछले एक हफ्ते से राजस्थान में कांग्रेस सरकार की अंदरूनी लड़ाई  जारी है. जाहिर है ऐसे में कांग्रेस शासित तीसरे राज्य छत्तीसगढ़ पर सभी की नजरें हैं. इसलिए बीते दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासी संकट को लेकर जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सियासी बयान दिया, तो इसकी गूंज सुदूर कश्मीर तक सुनाई दी. सीएम बघेल के बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. उमर अब्दुल्ला इस बयान पर कहा कि उनके वकील भूपेश बघेल से संपर्क करेंगे.

दरअसल, सीएम बघेल ने अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू के दौरान राजस्थान से जुड़े सवाल पर कहा था, 'इस घटना को बहुत बारीकी से तो नहीं देख रहे. लेकिन जहां तक सचिन पायलट का मामला है, एक उत्सुकता पैदा होती है कि आखिर उमर अब्दुल्ला को क्यों रिहा किया गया? उन्हें और महबूबा मुफ्तीजी को एक ही दफाओं में गिरफ्तार किया गया था, जबकि वे अभी जेल में ही हैं, उमर अब्दुल्ला बाहर हैं. क्या यह इसलिए है कि उमर अब्दुल्ला सचिन पायलट के बहनोई हैं?'

छत्तीसगढ़ अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, सीएम बघेल की इसी टिप्पणी को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि मैं इन झूठे और बदनीयती से भरे आरोपों से थक चुका हूं कि मेरे और मेरे पिता की रिहाई का सचिन पायलट से कोई लेना-देना है. अब्दुल्ला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अब बस बहुत हो गया. भूपेश बघेल से अब मेरे वकील संपर्क करेंगे. राजस्थान के सियासी संग्राम में छत्तीसगढ़ के इस अप्रत्याशित दखल की चर्चा रायपुर के सत्ता के गलियारों में भी हो रही है.

उमर अब्दुल्ला के कानूनी कार्रवाई की चेतावनी की बात पर सीएम बघेल ने भी उन्हें टि्वटर पर ही जवाब दिया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने अब्दुल्ला को लिखे जवाब में कहा, 'उमर अब्दुल्लाजी लोकतंत्र के खात्मे की इस त्रासदी को इस तरह न मोड़ें. यह 'आरोप' महज एक सवाल था, और हम ऐसे सवाल पूछना जारी रखेंगे, जैसे देश पूछ रहा है.' सीएम बघेल के इस जवाव पर ट्वीट करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वे अपना जवाब वकीलों को भेज सकते हैं. बहरहाल, राजस्थान की सियासत को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता के बीच का यह टि्वटर-वॉर कैसी शक्ल अख्तियार करता है, इसका जवाब तो आने वाले समय में ही मिलेगा.

Related Articles

Close