जबलपुर

चायनीज कंपनी ने प्रदेश के 62 मजदूरों को नौकरी से निकाला

भोपाल
मध्यप्रदेश के बालाघाट में काम कर रही एक चीनी कंपनी ने 62 भारतीय मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया है. चायना कोल सीसी-3  नाम की इस कंपनी ने कहा है कि हमें ऊपर से ये आदेश है. कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मांग की है कि शिवराज सरकार सिर्फ नारे ही न लगाए ऐसी चीनी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करे.

अखबारों में बताया है कि चायना कोल सीसी-3 कंपनी ने अपने 62 भारतीय कर्मचारियों को हटा दिया है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने कहा है कि भारतीय मजदूर न लिये जाने के लिए उन्हें ऊपर से आदेश है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने प्रदेश की बीजेपी सरकार से मांग की है कि तत्काल ऐसी कंपनियों को मध्य प्रदेश से बाहर करें जो मध्य प्रदेश के मजदूरों के स्वाभिमान पर हमला करती हैं.

नकली नारों से न ठगे बीजेपी सरकार
कांग्रेस ने कहा एक तरफ तो भारत में भाजपा चीनी कंपनियों के बहिष्कार की बात करती है दूसरी तरफ उन्हें सरकारी कंपनियों में बड़े बड़े ठेके आवंटित किए जा रहे हैं.चायना कोल सीसी-3कंपनी को 225 करोड़ का ठेका मायल ने दिया है.भारत की भूमि पर रहकर भारत के मजदूरों के इस अपमान को कैसे मध्य प्रदेश सरकार सुरक्षा देती है यह देखना होगा. नकली नारे और छद्म आश्वासनों से अब और नहीं ठगा जा सकता.

लॉकडाउन में भी चालू रही चीनी कंपनी
भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कमलनाथ सरकार ने 70 फीसदी रोज़गार प्रदेश के मजदूरों को देने की नीति बनाई थी.शिवराज सरकार उसे इस चीनी कंपनी में लागू करवाए. मजदूरों को वापस जॉब दिलवाए. ये मजदूर तीन महीने से बेरोजगार हैं. कलेक्टर से मजदूरों ने शिकायत की है किंतु शिकायत पर श्रम विभाग के माध्यम से कार्रवाई करने के बजाय उसे मायल की तरफ बढ़ा दिया गया है. पता चला है कि अब कंपनी मजदूरों पर कोरोना होने का आरोप लगा रही है, जबकि मजदूरों के साथ काम करने वाले 30 चीनी मजदूर अब भी काम कर रहे हैं.पूर्ण लाकडाउन के दौरान भी कंपनी चालू रही.उस पर लाकडाउन का पालन न करने का भी आरोप है. गुप्ता ने कहा अगर सरकार तत्काल कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ वर्चुअल आंदोलन चलाएगी.

Tags

Related Articles

Close