भोपाल

मध्यप्रदेश सरकार की मदद से प्रवासी श्रमिकों के घर पहुँचने की राह हुई आसान

भोपाल 
मध्यप्रदेश की सीमा में आते ही हमारी चिंता तब दूर हो गई, जब हमने देखा कि प्रदेश सरकार ने हम प्रवासी श्रमिकों के आने-जाने के लिये बसों की बेहतर व्यवस्था की है। इसके अलावा खाने-पीने, छाया एवं मेडिकल चेकअप आदि की भी अच्छी व्यवस्थाएँ हमें मिलीं। इन व्यवस्थाओं से प्रवासी श्रमिकों के घर पहुँचने की राह आसान हो गई है। यह कहना है महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश होकर अपने गृह राज्य उत्तरप्रदेश जाने वाले प्रवासी श्रमिक राजकुमार, सैफ अंसारी, नियाज अहमद और सुरेश कुमार का। इन प्रवासी श्रमिकों ने बताया कि महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश की सीमा में जब पहुँचे, तो बड़वानी जिले के बड़ी बिजासन (सेंधवा) और देवास ट्रांजिट सेंटर में श्रमिकों के लिए सभी व्यवस्थाएँ उत्तम की गई हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संकट की इस घड़ी में प्रवासी श्रमिकों के लिये सह्रदयतापूर्वक जो व्यवस्थाएँ करवाई हैं, उन सभी व्यवस्थाओं के लिये हम प्रवासी मजदूर उनका ह्रदय से आभार मानते हैं।

प्रवासी श्रमिक नियाज अहमद का कहना है कि मध्यप्रदेश आने के बाद देखा कि यहाँ की सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के गंतव्य तक जाने के लिये बसों की व्यवस्था के साथ ही उनके ठहरने तथा खाने-पीने की बेहतरीन व्यवस्थाएँ की हैं। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार के शुक्रगुजार हैं। इसी तरह श्रमिक सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि देवास ट्रांजिट सेंटर में मेडिकल चेकअप के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा भोजन, चाय, पानी तथा फलों की व्यवस्था की गई। इसके अलावा स्वयंसेवी संगठनों ने श्रमिकों की चप्पल टूट जाने पर उन्हें चप्पलें उपलब्ध करवाई, वहीं मास्क भी वितरित किये।
 

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