राजनीति

बिहार को फिक्रमंद दिग्गी अपने इलाके से बेखबर

गुना
एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश में फंसे बिहारी मजदूरों को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कुछ दिनों पूर्व इसके लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार को एक चिट्ठी लिखी थी। सिर्फ बिहारी मजदूरों ही नहीं, कश्मीरी छात्रों की फिक्र में भी दिग्जिवय सिंह ने पीएम से लेकर सीएम तक को चिट्ठी लिखी है। लेकिन जहां से उनके बेटे और परिवार के दूसरे सदस्य राजनीति करते हैं, वहां से गुजर रहे मजदूरों की फिक्र उन्हें नहीं है।

दिग्विजय सिंह राघौगढ़ से आते हैं। अभी राघौगढ़ विधानसभा से उनके बेटे जयवर्धन सिंह विधायक हैं। गुरुवार की रात राघौगढ़ में ही ट्रक और बस की टक्कर हो गई। हादसे में 13 प्रवासी मजदूर घायल हुए हैं। सभी उत्तराखंड के रहने वाले हैं। ये महाराष्ट्र के पुणे से अपने घर जा रहे थे। घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ट्वीट तक नहीं
दिग्विजय सिंह के बेटे के क्षेत्र में इतना बड़ा हादसा हुआ है। बिहारी मजूदरों को लेकर चिंतित रहने वाले दिग्विजय सिंह अब तक इस हादसे पर मौन हैं। बात-बात पर विरोधियों को घेरने के लिए ट्वीट करने वाले, दिग्विजिय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने इस पर कोई ट्वीट नहीं किया है। स्थानीय विधायक होने के नाते उन मजदूरों तक कोई मदद भी नहीं पहुंचाई है।

बीजेपी का आरोप
दिग्विजय सिंह के गृह जिले और उनके पूर्व के संसदीय क्षेत्र राजगढ़ से हर दिन सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर गुजरते हैं। बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उनकी राजनीति में एक हिडेन एजेंडा रहता है। वह अपनी राजनीति से समाज में एक अलग प्रकर की नैरेटिव सेट करने का प्रयास करते हैं। रजनीश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि राघौगढ़, राजगढ़ और उनके गृह जिला गुना पर भी ध्यान दें तो उनके द्वारा वहां मजदूरों के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। वह सकारात्मक राजनीति नहीं करते हैं।

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