भोपाल

मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सलाहकार समिति में शामिल करने की CM से की मांग

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MP मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सलाहकार समिति में शामिल करने की मांग दोहरायी है. कोराना (Corona) के खिलाफ फाइट के लिए शिवराज सरकार ने बीजेपी टास्क फोर्स के बाद अब एक सलाहकार समिति बनाई है, इसमें नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी सहित 13 सदस्य शामिल किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को सलाहकार समिति का संयोजक बनाया गया है​.लेकिन मेडिकल टीचर्स और मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन और जूडा सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं.कोरोना सलाहकार समिति में विशेषज्ञों को शामिल ना करने पर डॉक्टर्स के संगठनों को आपत्ति है.संगठन अपने दो चिकित्सकों को बतौर प्रतिनिधि सलाहकार समिति में शामिल करने की मांग सीएम शिवराज से कर रहा है.

कोरोना सलाहकार समिति में सीएम ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए काम करने वाले चिकित्सकों को शामिल ​नहीं किया है.इस पर मेडिकल टीचर, मेडिकल आफिसर्स एसोसिएशन और जूडा ने आपत्ति दर्ज कराई है.संगठन और जूडा का कहना है सीएम मामले पर एक बार फिर पुनर्विचार करें और अस समिति में मैदानी स्तर पर काम कर रहे डॉक्टर्स को भी शामिल करें. एसोसिएशन ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर अपनी मांग बताई है.समिति में संगठन के डॉक्टर्स ना होने पर तमाम मेडिकल संगठनों ने रोष जाहिर किया है.

मेडिकल टीचर्स एसोसियेशन के सचिव डा. राकेश मालवीय का कहना है सलाहकार समिति में विशेषज्ञ डॉक्टर्स के बजाय राजनैतिक संबंधों को महत्त्व दिया गया है. जो डॉक्टर्स दिन रात कोरोना के मरीजों की स्क्रीनिंग, सर्वे और सैम्पलिंग में लगे हैं उन्हें सलाहकार समिति में शामिल किया जाना चाहिए.लेकिन सीएम ने ऐसा नहीं किया है. एमपी मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. देवेन्द्र गोस्वामी का कहना है सलाहकार समिति बनाने का सरकार का प्रयास सराहनीय है लेकिन इन हालातों में व्यक्तिगत संबंधों के बजाय जमीन पर काम करने वाले अनुभवी डॉक्टर्स को शामिल किया जाना चाहिए. ताकि मैदान में डटे कोरोना योद्धाओं का मनोबल बढ़े और काम करने की सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहे.

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