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जमातियों से पुलिस तक पहुंचा COVID-19, 8 थाने संक्रमित: ADG उपेंद्र जैन

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भोपाल एडीजी उपेंद्र जैन ने कहा कि भोपाल में जमातियों की वजह से पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए हैं। एक निजी चैनल से बात करते हुए एडीजी उपेंद्र जैन ने कहा कि अभी तक भोपाल के आठ थानों का कोई न कोई पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुका है। सबसे पहले ऐशबाग और जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आए हैं। इन दोनों थाना क्षेत्र में दिल्ली से जमाती आकर रुके थे। पुलिस उनकी निगरानी के साथ क्षेत्र की सुरक्षा-व्यवस्था में लगी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पुलिसकर्मियों को कोरोना का संक्रमण जमातियों से आया है। इसके बाद एक-एक कर पुलिसकर्मी संक्रमित होते चले गए।

उन्होंने कहा कि यह खुलासा अभी तक संक्रमित मिले पुलिसकर्मियों की कांटेक्टस हिस्ट्री और ड्यूटी स्थानों व मूवमेंट को लेकर की गई पड़ताल में सामने आया है।
गौरतलब है कि  राजधानी में अब तक 32 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। एक सैकड़ा से अधिक पुलिस व उनके परिवार के लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। हालांकि 22 पुलिसकर्मी बुधवार को कोरोना को हराकर अस्पताल से घर पहुंच गए हैं। वहीं केंद्र सरकार द्वारा विदेशी जमातियों के वीजा रद्द करेन के बाद भोपाल पुलिस ने 64 विदेशी जमातियों सहित 86 लोगों के खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन और अन्य धाराओं के तहत अलग-अलग थानों में मामला भी दर्ज किया है। हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है।

एडीजी उपेंद्र जैन के मुताबिक पुलिसकर्मी थाने गए, घर गए, स्टाफ से मिले, परिजनों से मिले, साथी पुलिस कर्मियों से मिले. इस तरह से पुलिस और परिजनों में कोरोना की लम्बी चेन बनी. उन्होंने कहा  एनालिसिस करने पर जमातियों से कोरोना फैलने का पता चला है. शहर में 32 विदेशी और देशी जमातों की जांच पड़ताल की गई थी.

राजधानी भोपाल के कुल आठ थाने कोरोना से संक्रमित हैं. यहां के पुलिसकर्मी पॉजिटिव निकले हैं. मीडिया को उपेंद्र जैन ने बताया कि हमारे 29 पुलिसकर्मी और उनके 22 परिवार कोरोना से इन्फेक्टेड पाए गए हैं. पहली बात यह उभर कर आई कि कई मस्जिदों में जमात ठहरी हुई थी, जिसमें विदेशी और स्वदेशी दोनों थे. जब दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के बारे में जानकारी मिली तब शुरू हुई पड़ताल में पता चला कि भोपाल में भी कई जमाती है, जो कि मरकज मेें शामिल होकर भोपाल आए हैं.

एडीजी उपेंद्र जैन ने बताया कि हमारे कई पुलिसकर्मियों को उन मस्जिदों में जाना पड़ा. इस बात का पूरा अंदाज भी नहीं था कि सही तौर पर वहां कौन लोग हैं और कितने उसमें में इन्फेक्टेड होंगे. यह सारी कहानी बाद में अनफोल्ड हुई. उस दौरान एक-एक मस्जिद में जाकर हमारे पुलिसकर्मियों ने संपर्क किया और जमातियों को ढूंढा. करीब 32 जमाते यहां पर थी. बाद में उनमें कई इन्फेक्टेड भी पाए गए. उस दौरान हमारे पुलिसकर्मियों में इंफेक्शन हुआ.

उन्होंने बताया कि विशेष रूप से थाना ऐशबाग और जहांगीराबाद के क्षेत्र में यह कहानी हुई. फिर वह जब अपने घरों में गए तो अपने परिवार के सदस्यों को इन्फेक्शन दे दिया. पुलिस कॉलोनी में फिर दूसरे लोग इन्फेक्टेड हुए. फिर दूसरे पुलिसकर्मी इन्फेक्टेड हुए. दूसरे थानों में फैला. इस तरह कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों की चेन बनती गयी.

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