राजनीति

सोनिया गांधी के कोरोना टास्क फोर्स में मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता को नहीं मिली जगह

भोपाल
कोरोना वायरस (Corornavirus) को लेकर देश में बने हालातों पर नजर रखने और कांग्रेस की रणनीति तय करने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने एक उच्च स्तरीय परामर्श समूह का गठन किया है. इसमें पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है. दिल्ली के अलावा कई राज्यों के नेताओं को परामर्श समूह में जगह दी गई है. इस समूह के जरिए कांग्रेस पार्टी (Congress Party) कोरोना से बने देश के हालातों को लेकर पार्टी की रणनीति तय करेगी. लेकिन सोनिया गांधी के उच्च स्तरीय परामर्श समूह में मध्य प्रदेश के नेताओं को जगह नहीं मिल पाई है. कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव विवेक तंखा जैसे नेता समूह का हिस्सा नहीं बन पाए हैं.

प्रदेश में सरकार गंवाने के बाद कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की पार्टी में अनदेखी अब प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है. अब तक कांग्रेस पार्टी के तमाम बड़ी समितियों में प्रदेश के पार्टी नेताओं को जगह मिलती रही है. इससे पहले कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कई अहम समितियों में शामिल किया गया था. कांग्रेस पार्टी की नेता मीनाक्षी नटराजन को भी इस बार समूह में जगह नहीं मिल पाई है. यह अब चर्चा का विषय जरूर बन गया है कि आखिर कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता कमलनाथ दिग्विजय सिंह को भी उच्च स्तरीय परामर्श समूह का हिस्सा क्यों नहीं बनाया गया है?

कांग्रेस ने मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय परामर्श मंडल का गठन किया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत 11 दिग्गज नेता शामिल हैं. पार्टी अघ्यक्ष सोनिया गांधी ने इस समूह के गठन को मंजूरी दी है. समूह के सदस्य हर दिन मिलेंगे और देश की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श कर उसको लेकर पार्टी का रुख निर्धारित करेंगे. इस समूह में समूह में डाॅ. मनमोहन सिंह, राहुल गांधी के अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला, वेणुगोपाल, पी. चिदम्बरम, मनीष तिवारी, जयराम रमेश, प्रवीण चक्रवर्ती, गौरव बल्लभ, सुप्रिया और रोहन गुप्ता शामिल हैं.

सोनिया गांधी के टास्क फोर्स में एमपी के नेताओं को जगह नहीं मिलने पर बीजेपी ने तंज कसा है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी इतने महत्वपूर्ण विषय पर प्रदेश के नेताओं से सलाह लेना मुनासिब नहीं समझती है और इसके पीछे प्रदेश के नेताओं को लेकर पार्टी की नाराजगी है. यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने परामर्श समूह से कमलनाथ दिग्विजय सिंह समेत प्रदेश के किसी नेता को समूह में शामिल नहीं किया है.

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