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20 अप्रैल के बाद केंद्रीय गाइड लाइन पर शुरू होंगी औद्योगिक गतिविधियां, इन नियमों का करना होगा पालन

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कोरोना (Corona) आपदा के बीच अब प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां एक बार फिर शुरू होने जा रही हैं केंद्रीय गाइडलाइन का पालन करते हुए 20 अप्रैल के बाद औद्योगिक यूनिट को शुरू करने की अनुमति दी जाएगी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने इस सिलसिले में शनिवार को प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की.

इस दौरान सीएम ने उद्योगपतियों से उनके सुझाव लिए और अपनी बात उनके सामने रखी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के उद्योगों के प्रतिनिधियों से कहा है कि आपके सहयोग से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करेंगे केंद्र द्वारा जारी गाइड लाइन का सख्ती से पालन करते हुए उसमें दिए गए उद्योगों को 20 अप्रैल से शुरू किया जाए.

उन्होंने कहा कि इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि संक्रमित क्षेत्रों से कोई भी मजदूर काम पर न आएं. कार्य क्षेत्रों पर मास्क, सेनेटाईजर सभी सुरक्षात्मक उपयों का उपयोग किया जाए. बैठक में यह तय किया गया कि जिन उद्योगों को शुरू करने की अनुमति दी जा रही है वह कर्मचारियों से 8 के बजाय 12 घंटे काम कराने की अनुमति ले सकेंगे लेकिन इसके बदले में उन्हें कर्मचारियों को ओवरटाइम का पैसा देना होगा.

बैठक में तय किया गया मजदूरों की कमी को देखते हुए यदि कोई उद्योग 8 घंटे के स्थान पर 12 घंटे की शिफ्ट करना चाहता है तो उसे अनुमति दे दी जाएगी, लेकिन उन्हें उस हिसाब से मजदूरों को बढ़ी हुई राशि देनी होगी. साथ ही 5 के स्थान पर 6 दिन कार्य की भी अनुमति दे दी जाएगी. उद्योग लाइसेंस नवीनीकरण भी 01 अप्रैल 2020 से एक वर्ष के लिए कर लिया जाएगा.

लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 112 बड़े तथा 1200 एम.एस.एम.ई. उद्योग संचालित थे, जो दवा कंपनियों, खाद्यान्न सामग्री तथा आवश्यक वस्तुओं से संबंधित थे. अब 20 अप्रैल से केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार प्रदेश के कुल 360 बड़े उद्योगों में से लगभग 200 उद्योग चालू किए जा सकेंगे तथा 12 हजार एमएसएमई उद्योगों में से लगभग 6 हजार उद्योग शुरू किए जा सकेंगे. एसईजेड, निर्यात उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग सहित अत्यावश्यक सेवाओं की यूनिट शुरू की जा सकेंगी. उद्योगों में 40 से 50 प्रतिशत मजूदर से ज्यादा नहीं हो सकेंगे कर्मचारियों को फैक्ट्री में ही रूकने की व्यवस्था की जाएगी. उन्हें लाने वाली बसों में 30 से 40 प्रतिशत क्षमता का ही उपयोग होगा.

संक्रमित क्षेत्रों में न तो कोई उद्योग शुरू होगा और न ही कोई मजूदर वहां से आएगा जाएगा. सर्दी, जुकाम, 55 साल से अधिक के डायबटीज, बी.पी.मरीज , छोटे बच्चों वाली महिलाएं काम पर नहीं आएगी. परिसर में साबुन, सेनेटाईजर, मास्क, ग्लब्स, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी. मजदूरों की दूरी 8 से 10 फीट होगी. यूनिट को खुलने, बंद होने तथा दोपहर में लंच टाइम के समय सेनेटाईज किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. शुक्रवार को गृह मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय और आईसीएमआर ने कोविड 19 के हालात पर संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. इसमें स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के ज्‍वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने जानकारी दी कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 13,387 हो गए हैं. इससे देश में अब तक 437 लोगों की मौत हुई है. पिछले 24 घंटे में 23 लोगों की मौत हुई है. 24 घंटे में देश में 1007 केस सामने आए हैं.

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