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घर ही नया ऑफिस…पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कोरोना ने कैसे बदल दी है पेशेवर जिंदगी

 नई दिल्ली 
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया कोविड-19 से लड़ रही है, लेकिन भारत के ऊर्जावान और प्रगतिशील युवा अधिक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने का रास्ता दिखा सकते हैं। पीएम ने कहा है कि कोरोना वायरस ने कामकाजी लोगों का जीवन पूरी तरह बदल दिया है। 'कोविड-19 के दौर में जिंदगी' शीर्षक से एक लेख में पीएम ने बताया है कि किस तरह उन्होंने भी बदलावों को अपनाया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की वजह से कामकाजी लोगों के जीवन में आए बदलाव के बारे में लिखते हुए अपने अनुभव भी साझा किए हैं। पीएम ने लिखा, 'सदी के तीसरे दशक की शुरुआत उलट-पुलट वाली रही है। कोविड-19 साथ में कई बाधाएं लेकर आया है। कोरोना वायरस ने पेशेवर जिंदगी की रूप रेखा को पूरी तरह बदल दिया है। आजकल घर ही नया ऑफिस है। इंटरनेट नया मीटिंग रूम। कुछ समय के लिए सहयोगियों संग ऑफिस ब्रेक इतिहास हो गया है।' 

'वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोन के जरिए कर रहा हूं काम'
पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि वह भी किस तरह इन बदलावों को अपना रहे हैं। पीएम ने लिखा, 'अधिकतर मीटिंग भले ही वह साथी मंत्रियों संग हो, अधिकारियों के साथ या दुनिया के नेताओं संग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही है। जमीनी स्थिति का फीडबैक लेने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहा हूं।' पीएम ने कहा कि इसके अलावा फोन पर समाज के विभिन्न वर्गों से बात कर रहे हैं।
 
'लोग निकाल रहे नए तरीके'
पीएम ने कहा कि लोग अपना काम जारी रखने के लिए नए तरीके निकाल रहे हैं। हमारे फिल्म स्टार्स ने कुछ क्रिएटिव वीडियो बनाए हैं और लोगों को घर में रहने का संदेश दे रहे हैं। हमारे सिंगर ऑनलाइन कॉन्सर्ट कर रहे हैं। शतरंज के खिलाड़ी डिजिटली शतरंज खेल रहे हैं और इस तरह कोरोना के खिलाफ जंग में योगदान दे रहे हैं। यह सब बहुत अभिनव है।

'टेक्नॉलजी से गरीबों के जीवन में सबसे ज्यादा बदलाव'
पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'कार्यस्थल डिजिटल हो रहे हैं। और क्यों ना हों? टेक्नॉलजी का सबसे अधिक परिवर्तनकारी असर गरीबों के जीवन पर होता है। यह टेक्नॉलजी ही है जो ब्यूरोक्रेसी की हाइरार्की को खत्म करती है, मध्यस्थों को हटाती है और कल्याणकारी उपायों को तेज करती है।'

पीएम मोदी ने इसके लिए दो उदाहरण देते हुए लिखा, 'जब हमें 2014 में सेवा का मौका मिला, हमने भारतीयों को जोड़ना शुरू किया, खासकर गरीबों को जनधन, आधार और मोबाइल के जरिए। इससे ना केवल दशकों से चला आ रहा भ्रष्टाचार रुका है बल्कि सरकार को एक बटन क्लिक करके पैसे ट्रांसफर करने में सक्षम बनाया है। इस क्लिक की वजह से कई स्तरों के फाइलों और देरी से मुक्ति मिल गई है।' पीएम ने कहा, 'भारत में इस तरह का दुनिया का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर है। इसने हमें कोविड-19 की परिस्थिति में गरीब और जरूरतंद लोगों के खातों में तुरंत पैसे भेजने में मदद की है।'

शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग
दूसरा पॉइंट एजुकेशन सेक्टर से है। कई बेहतरीन पेशेवर पहले से इस क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं। इस क्षेत्र में टेक्नॉलजी विकास के अपने फायदे हैं। भारत सरकार ने भी शिक्षकों की मदद और ई-लर्निंग के लिए DIKSHA पोर्टल के जरिे प्रयास किए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता और समानता के लिए SWAYAM है। E-Pathshala कई भाषाओं में है और बहुत से ई-बुक और लर्निंग मेटेरियल उपलब्ध कराता है।

'भारत के युवा कर सकते हैं नए बिजनेस मॉडल की खोज'
आज दुनिया नए बिजनेस मॉडल की खोज में है। अभिनव उत्साह के लिए मशहूर भारत जैसा युवा देश नया वर्क कल्चर देने में अग्रणी बन सकता है। मैं इस नए व्यवसाय और कार्य संस्कृति को निम्न वॉवेल्स में पुनर्परिभाषित करता हूं। मैं इन्हें न्यू नॉर्मल का वॉवेल्स कहता हूं। क्योंकि अंग्रेजी भाषा के वॉवेल्स की तरह कोविड-19 के बाद की दुनिया के लिए यह बिजनेस मॉडल आवश्यक तत्व बन जाएगा।