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विदेशी कंपनी से COVID-19 टेस्टिंग किट की खरीदी तय, सरकार ने किया ये बड़ा दावा

रायपुर
कोविड-19 (COVID-19) महामारी के खिलाफ जंग में सबसे प्रमुख हथियारों में शामिल जांच किट के लेकर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में अब धुंध छट गई है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से साउथ कोरियन कंपनी से 75000 रैपिड टेस्ट किट की खरीदी तय की गई है. इसकी डिलिवरी आगामी एक सप्ताह के भीतर होने की बात कही जा रही है. बता दें कि CGMC की ओर से पहला टेंडर निरस्त करने क बाद दूसरे टेंडर के जरिए जांच किट की खरीदी की जा रही है. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि देशभर में सबसे कम दर यानी कि 337 रूपए प्रति किट की दर से छत्तीसगढ़ में खरीदी की जा रही है. जांच किट के आने से छत्तीसगढ़ में जांच की दर में तेजी आएगी. खासकर के उन लोगों की जांच आसानी से की जा सकेगी जो या तो होम क्वारेंटीन पर हैं या फिर आइसोलेशन पर.

अंबेडकर अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमें के हेड डॉ. अरविंद नेरल की मानें तो रैपिड टेस्ट किट कैरी टू मूव किट है जिसके जरिए ट्रेंड स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचकर जांच कर सकता हैं. इस किट से जांच के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी को केवल दस्ताने बदलने की जरूरत पड़ेगी, पीपीपी किट बदलने की जरूरत नहीं होगी. साथ ही यह भी कहा कि इस किट के माध्यम से महज आधे घंटे के भीतर ही पॉजिटिव-नेगेटिव का पता चल जाएगा जिससे उपचार की लाइन तय करने में आसानी होगी. शुरूआती तौर पर ही नेगिटिव-पॉजिटिव का पता चल जाएगा.

रैपिड टेस्ट किट खरीदी को लेकर इस संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग किरकिरी झेल चुका है. पूर्व में जारी टेंडर को तकनीकी कारणों का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया था. जबकि जानकारों की मानें तो रायपुर के जिन तीन कंपनियों को सप्लाई के लिए फाइनल किया गया था उन कंपनियों ने सप्लाई करने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद CGMC की ओर से दोबारी टेंडर निकाल कर खरीदी तय की गई है.

कोविड-19 को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार दिनरात काम का दावा तो कर रही है, मगर संदिग्धों के जांच के आंकड़े देखे तो पता चलता है कि 17 अप्रैल शाम 5 बजे की स्थिति में जिस राज्य में 65911 लोग होम क्वारेंटीन पर हो उस राज्य में अब तक महज 5776 संदिग्धों की ही जांच हुई है, जिनमें से 5484 संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव और 36 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. तो वहीं 256 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है. स्वास्थ्य विभाग के दावा के अनुसार अब जांच में तेजी आएगी जिससे जमीनी हकीकत पता चलेगा.

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