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लॉकडाउन में भी CBI एक्टिव, बैंक ऑफ इंडिया केस में चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली

कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से देशभर में लॉकडाउन है, लेकिन केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तमाम मामलों को लेकर अपनी सक्रियता कम नहीं की है. सीबीआई ने कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों के बावजूद बैंक ऑफ इंडिया जालसाजी मामले में चार्जशीट दाखिल किया है.

इन लोगों को बनाया आरोपी

सीबीआई ने इस चार्जशीट में रमेश कुमार झा (तत्कालीन क्रेडिट मैनेजर, बैंक ऑफ इंडिया, गुवाहाटी, असम ), लखपा त्सेरिंग (मेसर्स लखपा ट्रेडिंग एजेंसी, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश के प्रोपराइटर ), रुबू तस्सेर (आर जे अर्थमूवर्स, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश के प्रोपराइटर), देबाशीष घोष (आर जे अर्थमूवर्स के पूर्व सेल्स मैनेजर ) और हरधन मुखर्जी (गुवाहाटी में बीमा कंपनी के सर्वेयर) को बैंक से धोखाधड़ी और सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए आरोपी बनाया है.

किया आपराधिक षडयंत्र

जांच एजेंसी ने इन आरोपों के मामले में केस दर्ज किया है कि बैंक ऑफ इंडिया, गुवाहाटी मेन ब्रांच के तत्कालीन क्रेडिट मैनेजर रमेश कुमार झा ने साल 2012—14 के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपित अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र किया.

क्या हैं आरोप

आरोप के मुताबिक झा ने मशीनरी, एक्स्कवेटर और सिविल कॉन्ट्रैक्ट वर्क के लिए टर्म लोन और कैश क्रेडिट लोन मंजूर किया और इस तरह से बैंक द्वारा तय लोन वितरण प्रक्रिया एवं गाइडलाइन का उल्लंघन किया.

सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया, 'यह भी आरोप है कि कर्ज लेने वाले टर्म लोन और कैश क्रेडिट लोन चुकाने में नाकाम रहे, जिसके बाद करीब 1.98 करोड़ रुपये का लोन एनपीए में बदल गया.'

सूत्रों के मुताबिक, आरोप यह भी है कि लोन मंजूर करने के बदले रमेश कुमार झा को घूस दिया गया. गौरतलब है कि कोरोना की वजह से देशभर में 25 मार्च से ही लॉकडाउन की हालत है और अब इसे 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. तमाम सरकारी और निजी कार्य ठप हें.

 

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