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लॉकडाउन ने तोड़ी कोरोना की चेन, पर 20 दिन में 18 गुना बढ़े मरीज

 
नई दिल्ली 

 देशभर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 9 हजार के पार जा चुका है. 324 लोग जान गंवा चुके हैं. कई ऐसे राज्य हैं, जहां कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और यही वजह है कि लगातार लॉकडाउन बढ़ाने की मांग उठ रही है. संपूर्ण लॉकडाउन की मियाद आज पूरी होने वाली है.

लॉकडाउन ने कोरोना की चेन तोड़ दी है, लेकिन 20 दिन में मरीजों की तादाद करीब 18 गुना बढ़ी और मौतें 61 गुना हो चुकी है. 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन का ऐलान किया था, तब देश में कोरोना ने पांव पसारना बस शुरू ही किया था.

24 मार्च को देश में कोरोना के कुल केस सिर्फ 519 थे, जिनमें से पांच की मौत हो गई थी, जबकि केरल के तीन लोग ठीक हो गए थे. 20 दिन बाद 13 अप्रैल को देश भर में कोरोना के 9352 पॉजिटिव केस हो गए हैं, इनमें से 324 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 980 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.
 
यानी लॉकडाउन के ऐलान के 20 दिनों के भीतर कोरोना मरीजों की तादाद करीब 18 गुना बढ़ गई, जबकि मरने वाले संक्रमित लोगों की तादाद 61 गुना तक बढ़ गई. हालांकि ये रफ्तार दूसरे देशों के मुकाबले बहुत कम है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी को लॉकडाउन आगे बढ़ाने का फैसला लेना है.
 
इस बीच फिक्की ने लॉकडाउन बढ़ाने से पहले सरकार को अपनी कुछ सिफारिशें भेजी हैं. इसके मुताबिक जिन जिलों में कोरोना का असर नहीं हैं, वहां पहले लॉकडाउन खुले. ई-कॉमर्स और रिटेल स्टोर्स आंशिक तौर पर खोले जाएं. रेलवे और घरेलू उड़ानों को आंशिक तौर पर चालू किया जाए.

साथ ही सड़क परिवरन को भी कुछ शर्तों के साथ इजाजत देनी चाहिए. स्कूल, आईटी सेक्टर और होटलों में लॉकडाउऩ जारी रहना चाहिए. 22 से 39 साल के स्वस्थ लोग कार्यस्थल पर काम करें. ज्यादा उम्र के लोग वर्क फ्रॉम होम करें. 5 अप्रैल के बाद मजदूरों को काम पर बुला लिया जाए.