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भारत आ रहा मेडिकल किट से भरा जहाज अमेरिका क्यों भेजा, विवाद पर WHO ने दी ये सफाई

 
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पूरी दुनिया के लिये चुनौती बना कोरोना वायरस अब विवाद की वजह भी बनता जा रहा है. इस वायरस से बचाव के लिये अब तक कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है लेकिन जरूरी मेडिकल किट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खींचतान देखने को मिल रही है. ताजा विवाद भारत और अमेरिका से जुड़ा है, जिस पर WHO ने सफाई दी है.

दरअसल, तमिलनाडु के मुख्य सचिव ने आरोप लगाया था कि चीन से भारत आने वाला रेपिड एंटी बॉडी टेस्ट किट्स का कंसाइनमेंट अमेरिका की तरफ डायवर्ट कर दिया गया. इस विवाद पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बताया है कि इस संबंध में भारत सरकार की तरफ से कोई संपर्क नहीं किया गया है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इशारों ही इशारों में सभी मुल्कों को अनुशासन में रहने की नसीहत भी दी.

आजतक से बातचीत में WHO के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ माइक रेयान ने कहा, 'जहां तक मेरी जानकारी है इस मसले पर हमें कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन हां इतना जरूर है कि मेडिकल सप्लाई का दबाव है और ऐसे हालात में सभी को अनुशासन दिखाना चाहिये.' डॉ रेयान ने ये भी कहा कि अमेरिका की समस्या का समाधान हम नहीं कर सकते.

WHO की तरफ से ये भी कहा गया कि हम हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं कि सभी मुल्कों में आवश्यक मेडिकल सप्लाई सही अनुपात में भेजी जायें. हालांकि, डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल डॉ टेड्रोस ने इस तथ्य को भी स्वीकार किया कि पूरी दुनिया में फिलहाल टेस्टिंग किट्स की कमी है, इसलिए प्राइवेट सेक्टर के साथ इस दिशा में काम किया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला

इस वक्त दुनिया के लगभग सभी मुल्क कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे हैं. अमेरिका कोरोना का बड़ा केंद्र बन गया है. आलम ये है कि अमेरिका ने WHO पर चेतावनी भरे अंदाज में ये आरोप भी लगा दिया कि वो चीन पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत ने 28 मार्च को जिन 5 लाख रेपिड एंटी बॉडी टेस्ट किट्स का ऑर्डर चाइनीज कंपनी को दिया था उसकी डिलिवरी अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना थी. लेकिन ये कंसाइनमेंट अभी तक नहीं पहुंच पाया है.

इस मसले पर तमिलनाडु के मुख्य सचिव ने दावा किया था कि भारत को मेडिकल किट्स मिलने में इसलिये देरी हो रही है क्योंकि जो कंसाइनमेंट चीन से भारत आना था, उसे अमेरिका डायवर्ट कर दिया गया है. यही सवाल आजतक ने डब्ल्यूएचओ से किया. इस पर WHO ने कहा कि उन्हें इस मसले पर भारत ने कुछ नहीं बताया है. हालांकि, WHO ने सभी देशों को अनुशासन में रहने की नसीहत भी दी.

इस पूरे विवाद के बीच अब जल्द ही टेस्टिंग किट्स की डिलिवरी की बात कही जा रही है. पीटीआई ने भारत सरकार के हवाले से लिखा है कि चीन से आने वाला टेस्टिंग किट्स का पहला कंसाइनमेंट 15 अप्रैल को भारत पहुंच जायेगा.

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