भोपाल

ड्यूटी के बाद घर जा रहे डॉक्टर्स से मारपीटपुलिस ने तोड़ दिया हाथ

भोपाल
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लॉकडाउन के दौरान डॉक्टर्स, हॉस्पिटल स्टाफ, नगर निगम, सप्लाई वाहन आदि इमरजेंसी सेवा में लगे कर्मचारियों को बेरोकटोक आने-जाने की बात कह चुके हैं इसके बावजूद शहर में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स और स्टाफ को पुलिस आये दिन परेशान कर रही है। हफ्ते भर में पुलिस द्वारा मेडिकल इमरजेंसी में लगे स्टाफ को रोकने की दर्जन भर घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
बुधवार शाम एम्स से ड्यूटी के बाद घर जा रहे दो पीजी डॉक्टर्स को पुलिसकर्मियों ने रोककर पीट दिया। पुलिसकर्मियों द्वारा डंडा मार देने से एक डॉक्टर का हाथ फ्रेक्चर हो गया। जानकारी के मुताबिक एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट में पीजी डॉक्टर ऋतू परना और डॉ. युवराज शाम साढ़े छह बजे एम्स के पीछे स्थित अपने घर जा रहे थे रस्ते में दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और गाली गलौज करने लगे। डॉ.युवराज ने बताया कि उन्होंने बिना कुछ सुने डंडे से मारपीट शुरू कर दी. हम लोगों ने जब आई कार्ड देखने के लिए कहा तो पुलिसकर्मियों ने गालियां दी। हमारा सामान भी फेंक दिया। डंडे लगने की वजह से दायें हाथ में फ्रेक्चर हो गया। फिर हमने एम्स पहुंचकर इमरजेंसी में एमएलसी कराई और बागसेवनियां थाने को प्रबंधन के माध्यम से शिकायत की है।
मालूम हो कि इससे पहले हमीदिया और जेपी अस्पताल के स्टाफ को रोके जाने की कई बार शिकायतें हो चुकीं हैं, इसके बावजूद मेडिकल स्टाफ के आने-जाने से रोकने वाले पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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