छत्तीसगढ़रायपुर

5 सौ बिस्तर के कोविड-19 हॉस्पिटल में तब्दील होगा अंबेडकर अस्पताल

रायपुर
अंबेडकर अस्पताल के मेडीसिन, सर्जरी समेत पांच विभागों की जगह अब पांच सौ बिस्तर कोरोना अस्पताल बनाने की तैयारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से यह तैयारी आज से शुरू भी कर दी गयी है। दूसरी ओर अस्पताल से हटाए जा रहे विभिन्न विभाग डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, और जिला अस्पताल में शिफ्ट किए जाएंगे। वहाँ इन विभागों की ओपीडी के साथ आईपीडी भी संचालित की जाएगी।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित हैं। लेकिन अन्य राज्यों में सामने आ रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए यहाँ राज्य सरकार पुख्ता तैयारी करके रखने की दिशा में यह कदम उठा रही है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से कल जारी किए गए एक आदेश के मुताबिक शहर के अम्बेडकर अस्पताल को पांच सौ बिस्तर कोविड-19 हॉस्पिटल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत अम्बेडकर अस्पताल में इन 5 विभागों की ओपीडी आज से बंद कर तैयारी शुरू कर दी गयी है। राज्य सरकार हर क्षेत्र में त्वरित निर्णय लेते रही है इसीलिए छत्तीसगढ़ में सब कुछ ठीक ठाक है।

बताया गया है कि कोरोना अस्पताल बनाने के बाद अम्बेडकर अस्पताल के स्त्री-रोग एवं शिशु रोग विभाग जिला अस्पताल पंडरी में शिफ्ट किए जाएंगे। जरूरत पडऩे पर मातृ एवं शिशु अस्पताल कालीबाड़ी को भी उपयोग में लिया जा सकता है। जिला अस्पताल में गायनिक ओपीडी एवं लेबर रूम की व्यवस्था होगी। डीकेएस अस्पताल में जिन विभागों की शिफ्टिंग होगी, उसमें मेडीसिन, सर्जरी, नेत्र-रोग, ईएनटी एवं चर्म रोग विभाग शामिल हैं। इन विभागों की ओपीडी के साथ यहाँ गंभीर मरीज भी भर्ती किए जाएंगे। दूसरी तरफ अम्बेडकर अस्पताल में ब्लड-बैंक एडमिनिस्ट्रेटिव, पैथोलॉजी, एनेस्थेसिया, रेडियोलोजी एवं कैंसर विभाग पहले की तरह अम्बेडकर अस्पताल में ही संचालित होती रहेगी।

उल्लेखनीय है कि अम्बेडकर अस्पताल में फिलहाल कोरोना संक्रमितों के लिए 18 बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड तैयार है। अस्पताल की पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर का कहना है कि अम्बेडकर अस्पताल के पांच विभागों की जगह पांच सौ बिस्तर कोरोना अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ विभागों की शिफ्टिंग भी आज-कल में शुरू कर दी जाएगी। बाकी विभाग उनके अस्पताल में पहले की तरह संचालित होती रहेगी। आज इन्हीं फैसलों के लिए कार्यकारी डीन ने बाकी विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक की जिसमें ये बातें तय की गईं। कल फिर एक बैठक होगी जिसमें डॉक्टरों को कमरे और ओपीडी की जगह आबंटित की जाएगी।

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