व्यापार

इकोनॉमी को 5 लाख करोड़ चाहिए, RBI से कर्ज ले सरकार: पूर्व वित्त सचिव

नई दिल्ली

चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार 7.8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बाजार से लेने की तैयारी में है. लेकिन मोदी सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ये कर्ज रिजर्व बैंक से लेने की सलाह दी है.

उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी है कि भारत सरकार यह कर्ज बाजार से लेने के बजाए सीधे रिजर्व बैंक से ले. इसके लिए राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन कानून (एफआरबीएम) में संशोधन किया जाना चाहिए.’ इसके साथ ही सुभाष चंद्र गर्ग ने कोरोना वायरस की वजह से इकोनॉमी को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस हालात में सरकार को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 2 से 2.5 प्रतिशत यानी करीब 4-5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ सकता है.

सुभाष गर्ग के मुताबिक सरकार को छोटे कारोबार या काम कर रहे लोगों की मदद करनी चाहिए. इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये की जरूरत का अनुमान है. गर्ग ने यह भी सुझाव दिया कि जहां कोरोना वायरस के मामले नहीं हैं, वहां से लॉकडाउन को हटाया जाना चाहिए. वहीं, खनन, निर्माण, विनिर्माण आदि जैसे कम जोखिम वाले उद्योगों को खोला जाना चाहिए.

4.88 लाख करोड़ का कर्ज छह माह में लेगी सरकार

सरकार अपने कुल कर्ज का 60 फीसदी से अधिक रकम 4.88 लाख करोड़ अगले छह माह में लेने की तैयारी में है. बता दें कि सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिये बाजार से धन जुटाती है. इसके लिए मियादी बांड और ट्रेजरी बिल जारी किए जाते हैं. वर्ष 2020- 21 के बजट में सरकार का राजकोषीय घाटा 7.96 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है जो कि सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 प्रतिशत होगा.

 

Tags

Related Articles

Close