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कुपोषण मुक्ति एवं गरीबी उन्मूलन के लिए लक्ष्य बना कर काम करें-मुख्य सचिव आर.पी.मण्डल

उत्तर बस्तर कांकेर
प्रदेश के मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर गरीबी उन्मूलन, एनिमिक महिलाओं एवं बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और जिले को मलेरिया मुक्त करने के लिए लक्ष्य बनाकर दिल से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि मलेरिया से मुक्ति के लिए ग्रामीणों को मच्छरदानी का वितरण किया जाए और उसके साथ ही उन्हें मच्छरदानी का उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जावे। महिला एवं बाल विकास के माध्यम से इसे अभियान के रूप में चलाने के निर्देश उनके द्वारा दिये गये।

उन्होंने कहा कि जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए सभी परिवारों को पर्याप्त मच्छरदानी प्रदाय करने के अलावा इसका उपयोग भी सुनिश्चित करने के लिए लोगों को नियमित रूप से प्रेरित किया जावे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मैदानी अमले के माध्यम से लोगों तक इसकी समुचित जानकारी देने एवं प्रचार-प्रसार कराने के लिए भी उन्होंने कहा। कुपोषण मुक्ति के लिए कुपोषित बच्चों एवं एनिमिक महिलाओं को पौष्टिक गर्म भोजन का वितरण सुनिश्चित करने तथा इसका निरंतर मानिटरिंग करने के लिए उनके द्वारा निर्देशित किया गया। आश्रम छात्रावासों में नेलकटर की व्यवस्था रखने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। जिले में गरीबी उन्मुलन के लिए दिल से कार्य करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव मण्डल ने कहा कि राज्य में लगभग 01 हजार करोड़ रूपये का अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज का व्यापार होता है, जिसमें से लगभग 05 सौ करोड़ रूपये का व्यापार बस्तर संभाग में होता है। उन्होंने लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि लघु वनोपज की हाट बाजारों में नकद में खरीदी की योजना बनाई जा रही है, इससे वनवासियों को तत्काल फायदा होगा।

मुख्य सचिव मण्डल ने कहा कि वनवासियों द्वारा संग्रहित लघु वनोपज को अजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नकद में खरीदी की जाएगी। इसके लिए उन्होंने अजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों को जिला पंचायत के माध्यम से रिवाल्विंग फण्ड (चक्रीय निधि) उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। उक्त राशि से महिला स्व-सहायता समूह के सदस्य हाट-बाजारों में वनवासियों से लघुवनोपज की नकद में खरीदी करेंगे। राम वन गमन पथ को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि गढ़िया पहाड़ को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने इन सभी कार्यों को मिशनमोड में करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।  बैठक में उनके द्वारा कोरोना वायरस से बचाव एवं जागरूकता हेतु किए गए उपायों की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी एवं डॉ. सजय शुक्ला, संस्कृति विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सचिव पर्यटन अन्बलगन पी., आयुक्त बस्तर संभाग अमृत कुमार खलखो, डी.आई.जी. डॉ. संजीव शुक्ला, कलेक्टर के.एल. चौहान पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे, वनमण्डाधिकारी कांकेर अरविंद पी.एम., वनमण्डाधिकारी पूर्व भानुप्रतापपुर आर.सी. दुग्गा, वनमण्डाधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर आर.सी. मेश्राम सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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