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आज देख सकेंगे चंद्रमा, बृहस्पति, मंगल और शनि ग्रहों के दुर्लभ मिलन का नजारा

 लखनऊ 
18 मार्च को खगोल प्रेमी चार ग्रहों (आकाशीय पिंडों) के दुर्लभ मिलन के दर्शन कर सकेंगे। देर रात 3:35 बजे से सौरमंडल के चार ग्रह चंद्रमा, बृहस्पति, मंगल और शनि की युति की घटना घटित होगी। इस दौरान ये चारों ग्रह एक दूसरे के सबसे नजदीक आ जाएंगे। यह दुर्लभ घटना भारत समेत उत्तरी गोलार्द्ध के ज्यादातर हिस्सों में सुबह 5:41 बजे सूर्योदय तक देखी जा सकेगी।

खगोल वैज्ञानिकों की मानें तो सौर मंडल में दो और तीन ग्रहों के मिलन का संयोग तो कई बार देखने का मिलता है लेकिन एक साथ चार ग्रहों के मिलने का संयोग कई वर्षों बाद देखने को मिलता है। इस दुर्लभ घटना को खगोल विज्ञान में ‘ट्रिपल कंजक्शन विद मून' के नाम से जाना जाता है। इंदिरागांधी नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि यह खगोलीय घटना 18 मार्च को दक्षिण पूर्व दिशा में चंद्रमा के उगने के साथ शुरू होगी।

क्रम के अनुसार चंद्रमा, शनि, बृहस्पति व मंगल एक साथ नजर आते दिखाई देंगे। तीनों ग्रह चंद्रमा के साथ अलग-अलग कोणीय दूरी बनाते हुए चतुर्भुज जैसी एक सुंदर आकृति बनाते हुए पास आएंगे। इस दौरान चंद्रमा और बृहस्पति 1.6 डिग्री, चंद्रमा और मंगल 0.8 डिग्री जबकि चंद्रमा और शनि 2.3 डिग्री कोणीय दूरी पर लगभग 2.06 घंटे तक रहेंगे।

कोरी आंखों से दिखेगा दृश्य
इंदिरागांधी नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि इन चार ग्रहों के मिलन की खगोलीय घटना को आमजन आसानी से पहचान सकते हैं। चंद्रमा के नजदीक मंगल ग्रह सुर्ख लाल रंग, बृहस्पति धूसर लाल जबकि शनि ग्रह नीले रंग में चमकता हुआ नजर आएगा। उनका कहना है कि इस सभी ग्रहों को कोरी आंखों से देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 11 फरवरी 2018 को चंद्रमा, बृहस्पति, मंगल और शनि एक-दूसरे के सबसे नजदीक आए थे। खगोल प्रेमियों के लिए ये घटना महत्वपूर्ण है।

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