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बारिश संग गिरे ओेले, उत्तर प्रदेश में बिजली-पेड़ गिरने से पांच की मौत

लखनऊ
प्रदेश में मौसम की मार लगातार जारी है। शुक्रवार रात और शनिवार को भी बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में तबाही मचाई है। बेमौसम बारिश की मार सरसों, गेहूं आलू, मटर समेत आम की फसलों पर पड़ रही है। पूर्वांचल के जिलों में बिजली और पेड़ टूटकर गिरने से पांच लोगों की जान चली गई जबकि छह लोग झुलस गए। दूसरी ओर, बारिश-ओलावृष्टि की वजह से पांच डिग्री तक पारा गिरने से ठंड लौट आई है।

पूर्वांचल में वाराणसी समेत कई जिलों में शुक्रवार रात से शनिवार भोर तक बारिश के साथ ओले गिरे। मिर्जापुर में पेड़ गिरने से मड़हे में दबकर वृद्ध जबकि कच्ची दीवार गिरने से किशोरी की जान चली गई। बिजली गिरने से बलिया में महिला जबकि सोनभद्र में महिला और किशोर की मौत हो गई। वेस्ट यूपी में भी बारिश के साथ ओले गिरे।

मुजफ्फरनगर में शनिवार को सड़कों और छतों पर ओलों की चादर बिछ गई। शहर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सहारनपुर जिले में मार्च में ढाई दशक का बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। बिजनौर, शामली और बागपत में भी ओले गिरे हैं। लगातार बारिश से वेस्ट यूपी में गन्ने की कटाई बंद हो गई है। खेतों में खड़ी फसल गिरने से किसान परेशान हैं। गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जिले में भी बारिश-ओलावृष्टि हुई।

दो दिनों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसलों की क्षति का हाल जानने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जौनपुर पहुंचे। पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके आंसू पोंछे। आश्वस्त किया कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ है। उन्होंने तीन मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये का चेक सौंपा। 51 किसानों को फसल की क्षतिपूर्ति का चेक दिया।

साथ ही उन्होंने खेतों में जाकर फसल के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक सप्ताह में हर खेत का सर्वे कर किसानों तक मुआवजे का चेक पहुंच जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे आपदा राहत राशि के वितरण में सक्रियता दिखाएं। इसमें पूरी सतर्कता बरतें। किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई का पूरा प्रयास करेगी। वर्ष 2015-16 में आए हुदहुद तूफान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पहले आपदा पीड़ित किसानों को मुआवजे के लिए वर्षों भटकना पड़ता था, मगर इस बार सरकार एक सप्ताह में क्षतिपूर्ति दे रही है।

सरकार आपदा प्रभावित हर परिवार के खेत, मकान की क्षति का मुआवजा देगी। जिनके मकान गिरे हैं उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा।

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