देश

दिल्ली हिंसा और आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा के मर्डर केस में आरोपी हैं ताहिर हुसैन

नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली हिंसा में आरोपी बनाए गए पार्षद ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी को धार्मिक रंग देने की कोशिश की है। अमानतुल्लाह खान ने ताहिर की गिरफ्तारी पर कहा, 'वह (ताहिर हुसैन) सिर्फ इस बात की सजा काट रहे हैं कि वह एक मुस्लिम हैं। शायद आज हिंदुस्तान में सबसे बड़ा गुनाह मुस्लिम होना है। ये भी हो सकता है कि आने वाले वक्त में ये साबित कर दिया जाए कि दिल्ली की हिंसा ताहिर हुसैन ने कराई है।'
यहां आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ जामिया नगर में हुई हिंसा मामले में खुद अमानतुल्लाह खान भी आरोपी हैं। अब वह दिल्ली हिंसा में आरोपी ताहिर हुसैन को बचाने के लिए इस मामले पर धार्मिक कार्ड खेल रहे हैं।

ताहिर के घर छत से बरामद हुए थे पत्थर और पेट्रोल बम
यहां आपको बता दें कि ताहिर हुसैन के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक ताहिर के घर की छत पर हिंसा फैलाने वाले कई सामान जैसे पत्थर, पेट्रोल बम, कांच की बोतलें, गुलेल आदि बरामद हुई हैं। गौर करने वाली बात यह है कि ताहिर का घर छोड़कर आसपास के सारे मकानों को क्षति हुई है। इन सब बातों के सामने आने के बाद पुलिस ने ताहिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि ये सबूत कितने सही हैं इसका फैसला कोर्ट में होगा।

आईबी हत्याकांड में भी आरोपी हैं ताहिर हुसैन
फिलहाल दिल्ली की एक अदालत ने आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को उत्तर पूर्वी दिल्ली की हाल की हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की कथित रूप से हत्या करने के मामले में शुक्रवार को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हुसैन के वकील मुकेश कालिया ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने यह आदेश जारी किया।

दिल्ली पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया था। पुलिस ने कहा कि बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरूरत है। हुसैन को देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया । इस मौके पर इस मामले से जुड़े लोगों को छोड़कर न तो मीडिया को और न ही किसी वकील को अदालत कक्ष में जाने दिया गया।

सरेंडर करना चाहते थे ताहिर, पर कोर्ट ने मना किया
ताहिर हुसैन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले एक अदालत ने इस मामले में सरेंडर करने की उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने यह कहते हुए उनकी अर्जी खारिज कर दी थी कि उन्होंने जो राहत मांगी है वह उनके अधिकारक्षेत्र से बाहर है। हुसैन ने यह कहते हुए अदालत में सरेंडर की अर्जी लगायी थी कि वह जांच से जुड़ना चाहते हैं और सरेंडर करना चाहते हैं।

कालिया ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की जान पर खतरे की बड़ी आशंका है, इसलिए उन्होंने सक्षम अदालत में सरेंडर नहीं किया क्योंकि कड़कड़डूमा जिला अदालत में माहौल में उत्तेजना है। वकील ने कहा कि हुसैन को इस मामले में झूठे तरीके से फंसाया गया है और उन्होंने उनकी जान और संपत्ति की सुरक्षा की मांग की।

जब अदालत से हुसैन की अर्जी खारिज हो गयी, तब वहां पहले से पहुंच चुकी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शर्मा उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगा प्रभावित चांद बाग क्षेत्र में हुसैन के घर के समीप नाले में मृत मिले थे। उनके परिवार ने शर्मा की हत्या के पीछे हुसैन का हाथ होने का आरोप लगाया है।

Related Articles

Close