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सोमनाथ मंदिर से बड़ा होगा अयोध्या के राम लला का गर्भगृह, बिना लोहे के होगा निर्माण

 नई दिल्ली 
अयोध्या में राम मंदिर का गर्भगृह भव्य सोमनाथ मंदिर से भी बड़ा होगा। मूल प्रारूप के अनुसार, इसे ‘रघुपुरम’ के नाम से जाना जाएगा। मंदिर का प्रारूप तैयार करने वाले वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा ने इसकी कई खासियतों को ‘हिन्दुस्तान’ से साझा किया है।

राम मंदिर का प्रारूप करीब 37 साल पहले तैयार किया गया था। इस पर जल्द काम शुरू होने वाला है। वास्तुकार सोमपुरा बताते हैं कि भारतीय पुरातन स्थापत्य कला के नागर शैली में बनने वाले इस मंदिर का निर्माण पूरी तरह भारतीय तकनीक से होगा।

20 हजार लोग आरती देखेंगे
उन्होंने दावा किया कि यह मंदिर जब मूल स्वरूप में सामने आएगा तो दुनिया का आठवां आश्चर्य होगा। 20 हजार से ज्यादा दर्शनार्थी एक साथ एक जगह रामलला की आरती देख सकेंगे।  

लोहे का इस्तेमाल नहीं
मंदिर के निर्माण में लोहे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस तरह की तकनीक सिर्फ भारत में ही इस्तेमाल हो रही है। इसलिए राम मंदिर के निर्माण में किसी तरह का विदेशी सहयोग लेने की गुंजाइश नहीं है। 

कुल पांच मंदिर
राम के अलावा चार और मंदिर भी बनाए जाएंगे। इसमें सीता, भरत, हनुमान और गणेश की विशाल प्रतिमा स्थापित होंगी।

सबसे भव्य मंदिर 

राम मंदिर के गर्भगृह की लंबाई और चौड़ाई 20.20 फीट होगी। सोमनाथ मंदिर में गर्भगृह 15.15 फीट का है।
मंदिर 240 फीट लंबा, 145 फीट चौड़ा और 141 फीट ऊंचा होगा।
मंदिर भगवान विष्णु के पसंदीदा अष्टकोणीय आकार में होगा।
इस प्रारूप में 251 स्तंभ और मंदिर के चार प्रवेश द्वार होंगे।

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