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‘घर में घुसकर मारेंगे’, मोदी का वो बयान जिसने लिख दी थी पुलवामा के बदले की कहानी

नई दिल्ली

‘वो बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं’,

‘जो आग आपके दिल में है, वही मेरे दिल में भी है’,

‘हम घर में घुसकर मारेंगे’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए ये तीन बयान हैं जो उन्होंने पिछले साल हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद दिए थे. इन बयानों ने ही उस कहानी को बयां कर दिया था कि अपने 40 जवानों को खोने का गम जो पूरा देश मना रहा था वो पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरपरस्तों के जीवन पर काल बनकर टूटने वाला है. और हुआ भी कुछ ऐसा ही 14 फरवरी को आतंकी हमला किया गया और 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में बम बरसा दिए और तहलका मचा दिया.

…14 फरवरी को आतंकी हमला

14 फरवरी का दिन प्यार का होता है. हर कोई पिछले साल भी वैलेंटाइन के जश्न में डूबा हुआ था. लेकिन शाम होते-होते ये जश्न गम में बदल गया. दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक गाड़ी सीआरपीएफ के काफिले से टकराई और बड़ा धमाका हुआ. थोड़ी ही देर में पता लगा कि ये जम्मू-कश्मीर में किसी सेना के काफिले पर हुआ अबतक का सबसे बड़ा हमला था, जिसमें मां भारती के 40 जवान अपनी जान खो चुके थे.

फिर पीएम मोदी ने दिया वो बयान….

आतंकी हमले के बाद पूरा देश गम में था और हर किसी के मन में गुस्सा था. गुस्सा था उन आतंकियों के खिलाफ जिन्होंने पूरे देश में मातम फैला दिया था. पुलवामा आतंकी हमले के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झांसी में थे, हर किसी को उम्मीद थी वो कुछ कहेंगे. मोदी ने कहा भी…हजारों लोगों के सामने पीएम बोले, ‘मैं आतंकी संगठनों और उनके सरपस्तों को कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं…बहुत बड़ी कीमत उनको चुकानी होगी’. इसके अलावा भी पीएम मोदी ने कुछ ऐसे बयान दिए, जिसने पुलवामा के बदले की कहानी लिख दी…

‘पुलवामा के गुनहगारों को क्या सजा देनी है, अब ये हमारे जवान तय करेंगे’: 16 फरवरी, यवतमाल

‘आपकी आंखों में जो आंसू हैं, उनका पूरा जवाब लिया जाएगा’: 16 फरवरी, धुले

 ‘जो आग आपके दिल में है, मेरे भी दिल में है’: 17 फरवरी, बरौनी

‘चुन-चुनकर बदला लेना मेरी फितरत है, हमारा सिद्धांत है, हम घर में घुसकर मारेंगे’: अहमदाबाद

…और सेना ने कुछ इस तरह लिया बदला

14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद 15 फरवरी को CCS की बैठक हुई, इसमें बदला लेने के ऑप्शन पर बात हुई. इसी बैठक में तय हुआ कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि एयर स्ट्राइक की जाएगी. बैठक के बाद एनएसए अजित डोभाल और तत्कालीन वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ की अगुवाई में इसका प्लान तैयार किया गया. जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरा ब्लूप्रिंट तैयार करने में लग गईं.

एयरस्ट्राइक से 2 दिन पहले ही प्लान फाइनल हुआ, जिमें तय हुआ कि मिराज 2000 के साथ AWACS को भी तैनात किया जाएगा. मिराज 2000 ग्वालियर एयरबेस से तैनात होंगे और आगरा एयरबेस को भी मदद करने को कहा गया. 25 फरवरी को ऑपरेशन को फाइनल रूप दिया गया, ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे हर व्यक्ति के मोबाइल फोन बंद करा दिए गए.

26 फरवरी की देर रात और 27 फरवरी की सुबह ही मिराज 2000 ने अपना काम शुरू कर दिया. पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के अड्डों को निशाना बनाया गया और बॉर्डर पार कर वहां पर बम बरसाने शुरू कर दिए गए थे.

तभी पाकिस्तानी एयरफोर्स का एफ16 हरकत में आया, लेकिन जबतक वो कुछ कर पाता तबतक भारत की वायुसेना ने अपना काम कर दिया. इस एयरस्ट्राइक में जैश ए मोहम्मद के ठिकाने तबाह हो गए और कई आतंकी मारे गए. ऑपरेशन खत्म होने के तुरंत बाद सुबह 4 बजे साउथ ब्लॉक में एक बैठक भी हुई थी.

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