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उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भारत बंद का मिलाजुला असर

 लखनऊ 
नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने के लिए बुधवार को बुलाए गयए भारत बंद का उत्तर प्रदेश में मिलाजुला असर दिखाई दे रहा है। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में दुकानें बंद हैं जबकि राज्य सरकार ने बंद के दौरान किसी भी हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं। सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। राजधानी के पुराने लखनऊ इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी छोटी बड़ी दुकानों पर ताला डाला हुआ है लेकिन आम दुकाने रोज की तरह खुली हैं। इलाके में जगह जगह पुलिस तैनात है।

फिरोजाबाद में मंगलवार की शाम को बंद के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे जिसे हटवा दिया गया था। पोस्टर में बंद का आहवान बहुजन क्रांति मोर्चा ने किया है। पोस्टर में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशान से चुनाव नहीं कराने और नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग की गई है। हालांकि फिरोजाबाद में मुस्लिम बहुल इलाकों में दुकानें बंद हैं।

मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय साहनी के अनुसार उनके जिले में कहीं कोई बंद नहीं है। जबरन दुकानें बंद कराने वाले लोगों के साथ पुलिा सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि जिले में 18 अतिसंवेदनशील इलाके चिन्हित किए गए हैं और वहां खास नजर रखी जा रही है। बंद के दौरान उपद्रव या तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर में बंद का कोई असर नहीं है। रोज की तरह दुकानें खुली हैं और सड़कों पर लोग आम दिनों की तरह आ जा रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम बहुल इलाकों में भी बंद का कोंई असर नहीं दिख रहा है।