भोपाल

हजारों होमगार्ड का भोपाल में प्रदर्शन ,पुलिस की तरह मांगी नियमित नौकरी और तनख्वाह

भोपाल

मध्यप्रदेश के होमगार्ड जवानों ने सोमवार को भोपाल में विभागीय मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि होमगार्ड जवान के साथ कब तक 'स्वयंसेवी' शब्द जुड़ा रहेगा। अब हमें पुलिस जैसी नियमित नौकरी चाहिए। पुलिस की तरह वेतन दिया जाए। पूरे 12 महीने की नौकरी हो और नियमितीकरण किया जाए। जवान होमगार्ड मुख्यालय से बाहर आकर सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस पर डीआईजी इरशाद वली के निर्देश पर पुलिस ने उन्हें अंदर भेज दिया, लेकिन वह फिर से बाहर आकर बैठ गए हैं।

भोपाल में सैकड़ों होमगार्ड्स ने धरना देकर बैठ गए. ​प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार 1 फरवरी से एक नया आदेश लागू करने जा रही है. इसमें होमगार्ड्स को सिर्फ 10 महीने काम मिलेगा और 2 महीने घर बैठना होगा.होमगार्ड के जवान सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. वो सालभर नियमित नौकरी और पुलिस की तरह तनख्वाह की मांग कर रहे हैं. इनका आरोप है कि विभाग उनके साथ भेदभाव कर रहा है.अधिकारी भी यही काम करते हैं. लेकिन उन्हे तमाम सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन होमगार्डों को राज्य कर्मचारी का दर्जा तक सही तरीके से नहीं दिया जाता सुविधाएं तो दूर की बात है.प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर  मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो उनका आंदोलन भूख हड़ताल तक जाएगा.

ये हैं मुख्य मांग
1.होमगार्डों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए

2.रोटेशन प्रणाली समाप्त की जाए
3.एमपी होमगार्ड सैनिक नियम 2016 निरस्त किया जाए
4.मेडिकल फिटनेस टेस्ट के खिलाफ हैं होमगार्डपुलिस की नज़र होमगार्ड्स पर
यूं तो आमतौर पर ये देखने को मिलता है कि पुलिस बल होमगार्ड्स की मदद लेकर हंगामा कर रहे लोगों को रोकती है. लेकिन सोमवार को इसके उलट दृश्य था.होमगार्ड मुख्यालय पर पुलिस की पैनी नज़र थी. जवानों का हंगामा बढ़ता देख मंत्रालय से पुलिस कंट्रोल रूम की ओर आने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए थे.आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक रूट भी डायवर्ट कर दिया गया. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती के साथ पुलिस कंट्रोल व्हीकल भी लगाया गया था.

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