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दिल्ली विधानसभा चुनावः बीजेपी के लिए 13 सीटों पर फंसा पेंच, अकाली दल भी तरेर रही आंखें

 
नई दिल्ली

दिल्ली विधानसभा की 13 सीटों को लेकर बीजेपी में अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ सीटों पर जहां बड़ा पेंच फंसा हुआ है, वहीं कुछ सीटों पर नाम लगभग तय हैं। सबसे बड़ा पेंच नई दिल्ली सीट पर फंसा हुआ है, जहां से खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव मैदान में होंगे। उनके सामने पार्टी किसे चुनाव मैदान में उतारे, यह अभी तक एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

ऐसी चर्चा है कि इस सीट पर पार्टी अपने किसी वर्तमान या पूर्व सांसद को भी मैदान में उतार सकती है, या फिर कोई बड़ा सरप्राइज भी दे सकती है। वहीं लंबे समय से दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी के सहयोगी रही अकाली दल ने भी इस बार आंखें तरेर ली हैं और पार्टी अपने सिंबल पर चुनाव लड़ना चाह रही है। अकालियों ने इस बार ज्यादा सीटें देने की मांग भी बीजेपी आलाकमान के सामने रखी थी। इनमें तिलक नगर सीट भी शामिल थी, लेकिन उस पर बीजेपी ने राजीव बब्बर के नाम का ऐलान कर दिया है।

अकालियों के पास चार सीटों का विकल्प
ऐसे में अकालियों के पास अब राजौरी गार्डन, हरि नगर, कालकाजी और शाहदरा, इन चार सीटों पर लड़ने का ही विकल्प बाकी रह गया है। बीजेपी नेताओं ने बताया कि अभी तक दो-दो सीटों पर बीजेपी और अकाली दल अपने उम्मीदवार उतारकर उन पर एक-दूसरे को चुनाव जिताने में सपोर्ट करते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला उतना आसान नहीं लग रहा है। ऐसे में बीजेपी नेतृत्व के सामने इस मुश्किल का हल निकालने की भी चुनौती है।

सूत्रों के मुताबिक, बुराड़ी सीट पर पार्टी जहां इस पसोपेश में है कि वहां से किसी पूर्वांचली को टिकट दे या किसी गुजर समुदाय वाले को, वहीं दिल्ली कैंट सीट पर वेटिंग लिस्ट में चल रहे चार उम्मीदवारों के लिए पार्टी के चार नेता आलाकमान के सामने जमकर फील्डिंग करने में जुटे हुए हैं। अगर पार्टी ने पूर्व विधायक करण सिंह तंवर को नजरअंदाज करते हुए आर्मी बैकग्राउंड को ध्यान में रखा, तो पार्टी की प्रवक्ता टीना शर्मा को टिकट मिल सकता है।

गंभीर-हर्षवर्द्धन में तकरार
कृष्णा नगर सीट पर भी सांसद गौतम गंभीर और डॉ. हर्ष वर्धन के बीच अपनी पसंद के उम्मीदवार को टिकट दिलवाने की लड़ाई चल रही है। सीमापुरी रिजर्व सीट है और वहां भी सालों से बीजेपी हारती रही है, ऐसे में इस सीट पर भी पार्टी और सोच विचार कर उम्मीदवार उतारेगी। नांगलोई जाट और महरौली, ये दो ऐसी सीटें हैं, जिन पर तगड़े दावेदार थे, लेकिन हाल के दिनों में उनके पारिवारिक विवादों के सार्वजनिक होने के बाद इन सीटों को भी पार्टी को अभी पर होल्ड पर रखना पड़ा।

संगम विहार सीट पर भी पूर्व विधायक एस.सी. वत्स और विजय जौली के बीच होड़ लगी हुई है, वहीं कस्तूरबा नगर सीट पर पार्टी ने कुछ नाम शॉर्ट लिस्ट कर लिए हैं और इस पर जल्द ही उम्मीदवार तय हो जाएगा।
 

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