भोपाल

9 IPS का DGP बनने का सपना रह जाएगा अधूरा, इस साल 20 आईपीएस अफसर हो रहे रिटायर

भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) कैडर के नौ सीनियर आईपीएस अफसरों (IPS Officers) का डीजीपी बनने का सपना अधूरा रह जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि डीजी रैंक के ये अफसर इसी साल रिटायर हो रहे हैं. वहीं मौजूदा डीजीपी (DGP) का कार्यकाल 31 मार्च 2021 तक रहेगा. ऐसे में इन 9 स्पेशल डीजी को डीजीपी बनने का मौका नहीं मिल पाएगा. डीजी स्तर के अधिकारियों में शामिल आलोक पटेरिया, संजीव कुमार सिंह, विवेक जौहरी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. संजीव कुमार सिंह इसी साल फरवरी में, आलोक पटेरिया मई में और विवेक जौहरी अक्टूबर में रिटायर हो रहे हैं. वहीं मध्यप्रदेश के डीजीपी रहे ऋषि कुमार शुक्ला सीबीआई के डायरेक्टर हैं. शुक्ला अगस्त में रिटायर हो रहे हैं.

चयन-भर्ती के स्पेशल डीजी केएन तिवारी मार्च में रिटायर होंगे. वहीं विशेष स्थापना के स्पेशल डीजी अनिल कुमार अप्रैल और पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के चैयरमेन शैलेंद्र श्रीवास्तव जून में सेवानिवृत्त होंगे. सायबर पुलिस के स्पेशल डीजी राजेंद्र कुमार की सेवानिवृत्ति अगस्त में होनी है, तो पीटीआरआई में पदस्थ स्पेशल डीजी महान भारत सागर और स्पेशल डीजी मैथिलीशरण गुप्त भी अक्टूबर में रिटायर होंगे. इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा से पदोन्न्त होकर आईपीएस बने 10 अधिकारी आईजी सीआईडी आईपी कुलश्रेष्ठ, शहडोल आईजी एसपी सिंह, महिला अपराध के आईजी आरके अरुसिया, इंदौर पीआरटीएस आईजी रमनसिंह सिकरवार, डीआईजी 34वीं वाहिनी के अखिलेश झा, शहडोल डीआईजी पीएस उइके, डीआईजी अजाक आईपी अरजरिया, डीआईजी सागर दीपक वर्मा, डीआईजी होशंगाबाद आरए चौबे और डीआईजी खरगोन एमएस वर्मा भी इसी साल रिटायर हो रहे हैं.

साल 2020 में मध्य प्रदेश के आईपीएस अधिकारियों के बड़ी संख्या में रिटायर होने से जूनियर अफसरों के प्रमोशन के रास्ते खुल रहे हैं. डीपीसी के बाद प्रमोशन की कतार में लगे अफसरों की पदोन्नति अब आसानी से हो सकेगी. पुलिस मुख्यालय ने रिटायरमेंट के बाद खाली होने वाले पदों को भरने की कवायद भी तेज कर दी है. उन खाली पदों के लिए डीपीसी भी होगी.

Related Articles

Close