राजनीति

मोदी की दूसरी पारी में तीसरा विधानसभा चुनाव, क्या बीजेपी का होगा बेड़ा पार?

 
नई दिल्ली 

अब से कुछ देर में झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे देश के सामने होंगे. राज्य की 81 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती शुरू होने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी के सामने झारखंड में अपनी सरकार बचाने की चुनौती है, तो वहीं जेएमएम इस बार सरकार में वापसी की कोशिश में हैं. पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आए नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद ये तीसरा विधानसभा चुनाव है, ऐसे में बीजेपी के सामने चुनौती है कि देश में अपनी पकड़ को मजबूत कर सके.

दूसरी पारी में तीसरा विधानसभा चुनाव?

मई 2019 के बाद अभी तक तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुआ है, महाराष्ट्र-हरियाणा और अब झारखंड. इन तीन राज्यों में से एक में बीजेपी ने किसी तरह सरकार बना ली लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी ने बीजेपी के सपने को तोड़ दिया. बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन नतीजों के बाद ये गठबंधन सरकार का रूप नहीं ले सका और बीजेपी विपक्ष की पार्टी बन गई.

अब हर किसी की नज़र तीसरे राज्य झारखंड पर है, जहां पर बीजेपी इस बार अकेले ही मैदान में है और विरोधियों को मात देने की चुनौती है.

महाराष्ट्र- शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस

हरियाणा- बीजेपी-जेजेपी

झारखंड- ???

क्या कहता है एग्जिट पोल?

बता दें कि झारखंड से जो एग्जिट पोल सामने आया है, वह बीजेपी के लिए अच्छी खबर नहीं है. इंडिया टुडे –एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक झारखंड में बीजेपी के हाथ से सत्ता खिसक सकती है. एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक झारखंड विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन निर्णायक जीत हासिल करने जा रहा है.

इस विपक्षी गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) शामिल हैं. 81 सदस्यीय सदन में बीजेपी को एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक 22 से 32 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है. वहीं विपक्षी गठबंधन की झोली में 38 से 50 सीट जा सकती हैं. झारखंड विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 41 का है.

पिछले चुनाव में क्या था रिजल्ट?

2014 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 37 सीटें और सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) को 5 सीटें मिली थीं. जबकि JMM को 19, कांग्रेस को 6 और बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाली पार्टी झारखंड विकास मोर्चा यानी JVM को 8 सीटें हासिल हुई थीं. बाद में JVM के 6 विधायकों ने पाला बदल कर BJP को समर्थन दिया था. 2014 विधानसभा में अन्य को भी 6 सीटों पर कामयाबी मिली थी.