देश

अयोध्या विवाद: ब्रिटिश शासकों ने 1859 में दी हिन्दुओं को प्रार्थना करने की अनुमति 

 लखनऊ 
                                     
अयोध्या का विवाद की नींव 1528 मानी जा रही है। ऐसा माना जाता है कि सम्राट बाबर ने मस्जिद बनवाई थी। ऐसा कहा जाता है कि अयोध्या में जहां मस्जिद बनवाई गयी, वहां हिंदू श्रीराम का जन्म स्थान मानते हैं। लोग बताते हैं कि  बाबर के सेनापति मीर बाकी ने बाबरी मजिस्द का निर्माण करवाया था।

बाबर का जन्म फ़रगना घाटी के अन्दीझ़ान नामक शहर में हुआ था जो अब उज्बेकिस्तान में है। वो अपने पिता उमर शेख़ मिर्ज़ा, जो फरगना घाटी के शासक थे तथा माता कुतलुग निगार खानम का ज्येष्ठ पुत्र था। हालांकि बाबर का मूल मंगोलिया के बर्लास कबीले से सम्बन्धित था पर उस कबीले के लोगों पर फारसी तथा तुर्क जनजीवन का बहुत असर रहा था। बाबर 1526 में भारत आया। 1528 तक उसका साम्राज्य अवध (वर्तमान अयोध्या) तक पहुंच गया।

लोग बताते है कि अयोध्या विवाद में पहली बार हिसां 1853 हुई। इसके बाद से विवाद ने तूल पकड़ा। मजिस्द के स्थान पर पहले मंदिर होने का दावा किया गया। इसके बाद 1859 में ब्रिटिश शासकों ने विवादित स्थल पर बाड़ लगा दी और परिसर के भीतरी हिस्से में मुसलमानों को और बाहरी हिस्से में हिन्दुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दे दी।

Related Articles

Close