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80 पहुंची प्याज की कीमत, एक्शन में सरकार, कई देशों से होगा आयात

नई दिल्ली
एक बार फिर प्याज की कीमतों ने लोगों के आंखों से आंसू निकाल दिए हैं। पिछले एक हफ्ते में कई शहरों में प्याज के दाम 40 पर्सेंट तक चढ़ गए हैं। मंगलवार को अलग-अलग शहरों में प्याज 60 से 80 रुपये किलो बिक रहा था। सरकार का दावा है कि अगले कुछ दिनों में प्याज के दाम में नरमी आ जाएगी, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि आवक में देरी के कारण करीब एक महीने तक प्याज के दाम में स्थिरता नहीं आने वाली।

दिल्ली में प्याज के दाम
इन दिनों दिल्ली के खुदरा बाजारों में प्याज के भाव 80-90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कन्ज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में प्याज के दाम 80 रुपये तक पहुंच गए थे, जो 31 अक्टूबर को 55 रुपये किलो बिक रहे थे।

व्यापारी परेशान
दिल्ली की आजाद पुर मंडी में प्याज की बढ़ती और गिरती कीमतों ने व्यापारियों के भी पसीने छुड़ा दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि सोमवार को प्याज का रेट थोक में 50 से 70 रुपये/किलोग्राम थे, लेकिन मंगलवार को इसके रेट 45 से 55 के बीच में रहे। आजादपुर के व्यापारियों का कहना है कि आजादपुर मंडी में नियमित रूप से प्याज की खेप नहीं पहुंच रही है। कभी कम तो कभी ज्यादा प्याज पहुंच रही है।

अलवर, नासिक के प्याज से तय होते हैं रेट
अलवर और नासिक से आने वाले प्याज की खेप पर मंडी के रेट तय होते हैं। आजादपुर मंडी के श्रीकांत ने बताया कि सोमवार को अलवर और आजादपुर मंडी में प्याज की बेहद कमी रही। आजादपुर मंडी में से 11000 बोरी ही प्याज थी, जबकि अलवर मंडी में 25 से 26 हजार बोरी प्याज थी। लेकिन मंगलवार को अलवर में यह बढ़कर 45-46 हजार बोरियों तक पहुंच गई और आजादपुर मंडी में 17-18 हजार बोरी थी। ऐसे में 40 किलो प्याज की कीमत आजादपुर में 1600 रुपये पर आ गए, जिसकी वजह से प्याज के रेट मंगलवार को थोड़ी गिरावट दर्ज की गई।

नई खेप आएगी तो घटेंगे दाम!
आजादपुर मंडी के व्यापारी उमाकांत ने बताया कि प्याज की सप्लाई काफी कम है। मौसम में आए परिवर्तनों की वजह से कई बार मंडी में प्याज कभी कम तो कभी ज्यादा पहुंच रहा है। पिछले कई दिनों से प्याज के रेट काफी अधिक थे, लेकिन अब उम्मीद है कि नई खेप आने से मंडी में रेट संतुलित होंगे।

नैशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट के पूर्व अडिश्नल डायरेक्टर सतीश भोंडे का कहना है, 'प्याज मंडियों में सप्लाई कम है और कीमतों में में कभई तेज गिरावट तो कभी तेजी रहेगी क्योंकि सप्लई कम है और किसानों के पास भई स्टॉक खत्म है। आमतौर पर 1 नवंबर तक सर्दियों की फसल मंडियों में पहुंच जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा क्योंकि देश के कई इलाकों में बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई। पर्याप्त सप्लाई नवंबर के अंत तक देखने को मिल सकती है।'

सरकार भी अलर्ट
रिटेल मार्केट में प्याज के दाम कहीं 100 रुपये प्रति किलो पर न पहुंच जाए, इसको लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। इस वक्त प्याज की रिटेल कीमत देश के कई हिस्सों में 70 से 80 रुपये प्रति किलो है। खाद्य और आपूर्ति मंत्रालय में मंगलवार को मीटिंग हुई। इसमें प्याज की सप्लाई बढ़ाने, आयातित प्याज को खुले मार्केट में जल्द लाने और जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार हुआ।

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