इंदौर

ढाई करोड़ की जमीन के लिए 20 लाख की सुपारी

एडीजी के मुताबिक, आरोपित शशिकांत और नयन ने ढाबा संचालक अमन खाती के साथ अरविंद की हत्या का षड्यंत्र रचा था।

इंदौर। कॉलोनाइजर अरविंद परमार हत्याकांड का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि हत्या ढाई करोड़ रुपए कीमती जमीन के विवाद में हुई है। ढाबा संचालक और उसके साथियों ने 20 लाख रुपए में सुपारी दी थी। पुलिस ने गोली मारने वाले गुंडे, जमीन व्यवसायी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपित फरार और मुख्य षड्यंत्रकारी जेल में बंद है।

एडीजी वरुण कपूर के मुताबिक, हातोद थाना क्षेत्र के पालिया में व्यंकटेश नगर निवासी अरविंद (41) पिता मूलशंकर परमार की 21 अक्टूबर को उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह पार्टनर मनोज पटेल के साथ ऑफिस (विनायक कंस्ट्रक्शन) में बैठे थे। पुलिस ने मामले की जांच कर बुधवार को आरोपित सोनू उर्फ सिगरेट पिता बलवीर निवासी मारुति नगर, शशिकांत पिता माखनलाल, नयन पिता माखनलाल और शुभम पिता माणकलाल तीनों निवासी पालिया को गिरफ्तार कर लिया। एडीजी के मुताबिक, आरोपित शशिकांत और नयन ने ढाबा संचालक अमन खाती के साथ अरविंद की हत्या का षड्यंत्र रचा था।

उन्होंने गुंडे सोनू और उसके साथी अर्जुन भागीरथ निवासी मारुति नगर को 20 लाख रुपए में हत्या का ठेका दिया था। अमन एक युवक पर गोलियां चलाने के आरोप में देपालपुर जेल में बंद है। जबकि अर्जुन फरार है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।

46 लाख देकर ढाई करोड़ की जमीन हड़पने की साजिश रची

एसपी (पश्चिम) अवधेश गोस्वामी के मुताबिक नयन और शशिकांत आरोपित अमन के साथ ढाबा चलाते हैं। उनकी हातोद और पालिया क्षेत्र में खेती भी है। अरविंद परमार जिस जमीन पर कॉलोनी काट रहा था वह पालिया निवासी दिलीप चौधरी की है। दिलीप ने आरोपितों से 46 लाख रुपए उधार लेकर ढाई करोड़ रुपए कीमती चार बीघा जमीन का 11 महीने के लिए अनुबंध कर दिया था। रुपए नहीं चुकाने वाली स्थिति में आरोपितों ने उक्त जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची और एसडीएम कोर्ट में केस लगा दिया।

आड़े आने पर करवाई हत्या

दिलीप ने अरविंद से मदद मांगी तो उसने आरोपितों को रुपए दे दिए और दिलीप से रेसो डील कर सुपर सिटी के नाम से कॉलोनी काट दी। इससे अमन, नयन और शशिकांत के हाथ से ढाई करोड़ की जमीन चली गई। तीनों ने खेत पर पार्टी मनाई। इस दौरान हत्या का षड्यंत्र रच उन्होंने सोनू और अर्जुन को 50 हजार एडवांस और पांच हजार रुपए शराब के लिए दिए। उनसे कहा कि जमीन का निपटारा होने पर 20 लाख रुपए और देंगे।

घटना के दिन आरोपित शराब के नशे में पहुंचे और तीनों की अमन के ढाबे पर मुलाकात हुई। उनके साथी शुभम ने अरविंद की रैकी कर बताया कि वह ऑफिस में बैठा हुआ है। आरोपितों ने गोली और चाकू से हमला कर हत्या की और उज्जैन होते हुए नलखेड़ा भाग गए।

पार्टनर को फंसाने के लिए भेजा मुखबिर, पुलिस ने असली को पकड़ लिया

एएसपी (पश्चिम) मनीष खत्री के मुताबिक, दिलीप चौधरी को शक था कि अमन और नयन उसकी भी हत्या करवा सकते हैं। उसने रतलाम के बदमाश श्रवण और कालू को मदद के लिए बुला लिया। शशिकांत ने उसे हत्या में फंसाने का षड्यंत्र रचा और पुलिस तक खबर भिजवा दी कि हत्या दिलीप ने करवाई है। जब कालू व श्रवण को पकड़ा तो हकीकत सामने आ गई। इसी से शक गहराया और शशिकांत को पकड़ लिया। उसके बैंक खाते की जानकारी निकाली तो 21 लाख के लेनदेन का हिसाब भी मिल गया।

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