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मप्र विद्युत नियामक आयोग में नियुक्तियों पर रोक- हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

जबलपुर । मप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग में डायरेक्टर व अन्य पदों पर की जा रहीं नियुक्तियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले मामले पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद बुधवार को जस्टिस नंदिता दुबे की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश दिए। साथ ही मप्र सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव और नियामक आयोग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। अदालत द्वारा सुनाए गए अंतरिम आदेश की फिलहाल प्रतीक्षा है।
धारा 85(5) की शर्त का उल्लंघन
भोपाल के गोविंदपुरा में रहने वाले  वीरेंद्र कुमार पाटिल की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि नियामक आयोग में डायरेक्टर, जॉइन्ट डायरेक्टर व अन्य पदों पर नियुक्तियां करने 15 अप्रैल को विज्ञापन जारी हुआ था। विज्ञापन में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 85(5) का हवाला देकर कहा गया था कि वे ही उम्मीदवार आवेदन करें, जिनका वित्तीय व अन्य स्वार्थ न हों। ऐसा होने पर चेयरपर्सन या अन्य सदस्य के पद पर होने वाली नियुक्ति प्रभावित होगी। आवेदक का आरोप है कि अभी जो आवेदन डायरेक्टर व जॉइन्ट डायरेक्टर के पद के लिए आये हैं, वे धारा 85(5) की शर्त का उल्लंघन कर रहे हैं। याचिका में राहत चाही गई है कि उक्त पदों पर होने वाली नियुक्तियों की प्रक्रिया रद्द की जाए।बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मणिकांत शर्मा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किए।

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