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बिहार: सीएम ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, भाजपा सांसदों-विधायकों को नहीं भेजा निमंत्रण

पिछले दिनों बिहार के लगभग 15 जिले बाढ़ की चपेट में आए थे। बाढ़ के कारण लोग अपने घरों के अंदर कैद हो गए थे। इसने पटना की सड़कों पर लोगों को नाव चलाने पर मजबूर कर दिया। खुद उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी अपने घर के अंदर फंसे हुए थे। उन्हें एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। आज इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।  जिसके बाद बिहार राज्य एवं आपदा प्रबंधन (एसडीएमए) ने कहा, 'राज्य के 15 बाढ़ प्रभावित जिलों में लगभग 7.22 लाख परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। राहत के तौर पर बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवारों को छह हजार रुपये दिए जाएंगे।'  
बैठक में विधायकों और सांसदों की नहीं किया गया आमंत्रित
इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ मंत्री भी मौजूद रहे। जिसमें जलजमाव की स्थिति और उसके निस्तारण पर समीक्षा की गई। हालांकि बैठक में मुख्यमंत्री ने पटना के विधायकों और दो सांसदों- राम कृपाल यादव और रविशंकर प्रसाद को आमंत्रित नहीं किया। जिसके कारण भाजपा कार्यकर्ता नाराज हैं। भाजपा सांसदों का कहना है कि वह इन प्रभावित जिलों के जनप्रतिनिधि हैं इसके बावजूद उनकी अनदेखी की गई।
रामकृपाल यादव ने जाहिर की नाराजगी
पाटलिपुत्र से भाजपा के सांसद रामकृपाल यादव ने कहा कि इस समीक्षा बैठक में विधायकों और सांसदों को नहीं बुलाना बहुत दुख की बात है। उन्होंने बताया कि हमें इस बैठक के बारे में कुछ पता ही नहीं था। मीडिया के जरिए हमें इस बात की जानकारी मिली। यादव ने कहा कि जनता जलभराव पर हमेशा जनप्रतिनिधियों को ही गाली देती है। मुख्यमंत्री ने उन्हीं को ही नहीं बुलाया, यह बहुत चिंता की बात है। हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री जी बहुत जल्द जनप्रतिनिधियों के साथ भी जलजमाव को लेकर बैठक करेंगे।
भाजपा विधायक ने कहा ग्राउंड जीरो पर तो हम काम करते हैं, हमें ही नहीं बुलाया
बांकीपुर के भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कहा हमें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जी आज की बैठक में हमलोगों को जरूर बुलाएंगे, लेकिन इस बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को ही नहीं बुलाया जो बहुत दुख की बात है। नवीन ने कहा कि ग्राउंड जीरो पर तो हम काम करते हैं। जनता की गाली तो हम सुनते हैं। हमारे क्षेत्र में कहा पर क्या समस्या है। इस बात को हम अच्छे से समझते हैं। मुख्यमंत्री ने फिर भी हमारी सलाह लेने के लिए हमें नहीं बुलाया, यह बहुत आश्चर्य की बात है। नवीन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमलोगों से जरूर सलाह लेंगे और जलजमाव के गुनहगारों को जरूर सजा मिलेगी।
सीएम के कदम से हम असहमत हैं
बीजेपी के ही एक और विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि सीएस के इस कदम से वे बहुत असहमत है। संजीव चौरसिया ने कहा कि जलजमाव को लेकर जनता में जो उबाल व गुस्सा है। वह तो जनप्रतिनिधियों को ही झेलना पड़ता है। इस बैठक में विधायकों की भी सलाह लेना चाहिए था। हम उम्मीद करते हैं कि सीएम नीतीश कुमार बहुत जल्द हम विधायकों के साथ बैठकर समीक्षा बैठक करेंगे।

 

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