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एयर शो में पायलट स्नेहा ने दिखाए आसमानी करतब, पति बोले- गर्व है

सारंग हेलिकॉप्टर उड़ाने वाली स्नेहा कुलकर्णी देश की पहली महिला पायलट हैं. स्नेहा का कहना है कि उन्हें काफी गर्व महसूस होता है कि वो सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाती हैं.
    वडोदरा में वायु सेना दिवस के लिए तैयारियां'एयर शो' का आयोजन, जवानों ने दिखाए करतबस्कूली बच्चों के लिए पायलट रहे आकर्षण का केंद्र

गुजरात के वडोदरा में वायु सेना दिवस के लिए तैयारियां जोरों से चल रही हैं. इस दौरान वडोदरा में दिल धड़क 'एयर शो' का आयोजन किया गया, जिसमें आसमान से लेकर जमीन तक भारतीय वायु सेना के जांबाज जवानों ने करतब व जोश दिखाए. इस पूरे एयर शो का सबसे आकर्षक हिस्सा सारंग हेलिकॉप्टर रहा. ये हेलिकॉप्टर आसमान में तिरंगा बनाते हुए आगे बढ़ते चले जा रहे थे.

मालूम हो कि सारंग वो हेलिकॉप्टर है जिसे भारतीय सेना में मौजूद हर पायलट उड़ाना चाहता है. इस एयर शो में सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाने वाले पायलट भी वहां मौजूद स्कूली बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र थे, जिसमें एक महिला पायलट स्नेहा और उनके पायलट पति रवीश भी इस टीम के हिस्सा थे.

सारंग दल की पहली महिला पायलट

सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाने वाली स्नेहा कुलकर्णी देश की पहली महिला पायलट हैं. स्नेहा का कहना है कि उन्हें काफी गर्व महसूस होता है कि वो सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाती हैं. वहीं स्नेहा के पति रवीश भी सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाते हैं. हालांकि, भारतीय वायु सेना के नियम के मुताबिक, रवीश और स्नेहा कभी एक साथ एक हेलिकॉप्टर को नहीं उड़ा सकते, लेकिन दोनों एक साथ आसमान में सारंग हेलिकॉप्टर के जरिए भारतीय वायु सेना के हौसलों को जरूर दर्शाते हैं.

देश पहली प्राथमिकता: स्नेहा

रवीश कुमार से जब पूछा गया कि कैसा लगता है आपको कि आपकी पत्नी देश की पहली महिला सारंग पायलट हैं. इस पर रवीश ने कहा कि गर्व महसूस होता है. उन्होंने कहा कि हम दोनों पिछले 10 साल से भी ज्यादा वक्त से दोस्त थे, लेकिन आज जब एक पति के रूप में स्नेहा को सारंग हेलिकॉप्टर को उड़ाते हुए देखता हूं तो काफी गर्व महसूस करता हूं. वहीं, स्नेहा का कहना है कि जब भी वे यूनिफॉर्म में होते हैं तो बतौर सहकर्मी एक-दूसरे को ट्रीट करते हैं. स्नेहा का कहना है कि देश ही हमारी पहली प्राथमिकता है.

वहीं, जब बच्चों ने सारंग के अलग-अलग करतब के बाद पूरी टीम की तालियों के साथ सराहना की, तो रवीश ने कहा कि एक वक्त ऐसा था जब मैं भी छात्रों की तरह भारतीय वायु सेना के जवानों को चीयर किया करता था, लेकिन आज ऐसे हजारों छात्र हैं जिनके लिए हम उनके सपने की तरह हैं.

 

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