विदेश

जब पिछली बार UN में आमने-सामने थे भारत-PAK, मोदी ने खोली थी आतंक पर पोल

ऐसा पहली बार नहीं है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत-पाकिस्तान के प्रमुख इस तरह आमने-सामने आते रहे हों. पहले भी इस मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान ने कश्मीर का राग अलापने के लिए किया है और हर बार भारत ने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया
    आज UNGA में पीएम मोदी का संबोधनPM मोदी के बाद इमरान खान का भाषण2014 में मोदी ने आतंक पर किया था वार

संयुक्त राष्ट्र महासभा को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. भारतीय समयानुसार शाम 8 बजे पीएम मोदी दुनिया को अपना विज़न बताएंगे, दोबारा सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री का UN में ये पहला संबोधन होगा. नरेंद्र मोदी के ठीक बाद इमरान खान भी UNGA को संबोधित करेंगे. ऐसे में दोनों देशों के प्रमुखों के बीच वार-पलटवार का सिलसिला दिख सकता है.

ऐसा पहली बार नहीं है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत-पाकिस्तान के प्रमुख इस तरह आमने-सामने आते रहे हों. पहले भी इस मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान ने कश्मीर का राग अलापने के लिए किया है और हर बार भारत ने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 में UNGA को संबोधित किया था, तो कई मसलों का जिक्र किया था. जबकि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने इस मंच से कश्मीर का ही राग अलापा था, लेकिन पाकिस्तान को इससे कुछ फायदा नहीं हुआ था.

क्या बोले थे पीएम नरेंद्र मोदी?

संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में पीएम मोदी ने दुनिया के सामने अपना विज़न रखा था, तब उन्होंने UN पीसकीपिंग में भारत के योगदान, 21वीं सदी में भारत के रोल, संयुक्त राष्ट्र की भूमिका में बदलाव का जिक्र किया था.

इसके साथ ही पाकिस्तान के मसले पर पीएम मोदी ने कहा था कि भारत पड़ोसी मुल्क से बात करने को तैयार है लेकिन उसके लिए पहले पाकिस्तान को आतंकवाद का साथ छोड़ना होगा. पीएम मोदी ने कहा था कि ‘गुड टेररिज्म-बेड टेररिज्म’ जैसी कोई चीज़ नहीं होती है.
उस वक्त पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बाढ़ आई थी, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इसका भी जिक्र किया था कि भारत ने पाकिस्तान को मदद का ऑफर दिया था लेकिन उन्होंने स्वीकारा नहीं था.

बता दें कि इसी भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ का प्रस्ताव रखा था, जिसे संयुक्त राष्ट्र में तुरंत स्वीकारा गया और 180 से अधिक देशों ने भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया था.  

नवाज़ शरीफ ने क्या कहा था?

तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने उस वक्त कहा था कि भारत के साथ रिश्ते अच्छा करना उनके फोकस में है इसके लिए वह भारत के दौरे पर भी गए थे. लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जम्मू-कश्मीर का मसला हल करवाने में मदद करनी चाहिए, इसके लिए कश्मीर के सभी पक्षों जिसमें हुर्रियत के लोग भी शामिल हैं उनसे भी बात होनी चाहिए.

 

Tags

Related Articles

Close